पहले बनाया मध्यस्थ,अब कह दिया ‘आतंक का पुराना अड्डा’..अमेरिका ने पाकिस्तान को दिखाया आईना….

Pak Terrorist Organizations :  दुनिया जब ईरान और अन्य वैश्विक संघर्षों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ठीक उसी समय पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक करारा झटका लगा है.  अमेरिका और ईरान के बीच शांतिदूत बनकर अपनी छवि सुधारने की कोशिश में लगे पाकिस्तान को एक बार फिर से अंतराष्ट्रीय स्तर पर फजीहत का शिकार होना पड़ा है.

Pak Terrorist Organizations:पाकिस्तान आतंकियों का सुरक्षित पनाहगार  

अमेरिकी संसद की एक नई रिसर्च रिपोर्ट 25 मार्च को आई है, जिसमें  कहा गया है कि पाकिस्तान दशकों से कई खतरनाक आतंकवादी संगठनों के लिए ‘पुराना अड्डा’ और सुरक्षित पनाहगार बना हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से अधिकांश संगठन 1980 के दशक से सक्रिय हैं और पाकिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल अपनी गतिविधियों के लिए कर रहे हैं.

12 ग्रुप अमेरिका में ‘विदेशी आतंकी संगठन’ घोषित  

अमेरिकी कांग्रेस की इस विस्तृत रिपोर्ट में पाकिस्तान में फल-फूल रहे आतंकी समूहों को उनके संचालन क्षेत्र के आधार पर वर्गीकृत किया गया है, जिसमें भारत, अफगानिस्तान और वैश्विक स्तर पर सक्रिय संगठन शामिल हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि पाकिस्तान में सक्रिय कम से कम 12 समूहों को अमेरिकी कानून के तहत ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ घोषित किया जा चुका है. ये सभी संगठन मुख्य रूप से इस्लामी चरमपंथी विचारधारा पर आधारित हैं. हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि उसने हवाई हमलों और खुफिया अभियानों के जरिए इनके खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन अमेरिकी रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि वह इन आतंकी नेटवर्कों को पूरी तरह खत्म करने में विफल रहा है.

रिपोर्ट में लश्कर ए तैयबा -जैश ए मोहम्मद जैसे संगठनों का जिक्र

रिपोर्ट में खास तौर पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों का काला चिट्ठा खोला गया है. हाफिज सईद के नेतृत्व वाला लश्कर-ए-तैयबा, जो 2008 के मुंबई हमलों का गुनहगार है, आज भी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) से संचालित हो रहा है. प्रतिबंधों से बचने के लिए यह संगठन जमात-उद-दावा जैसे नामों का सहारा लेता है. इसी तरह, मसूद अजहर द्वारा स्थापित जैश-ए-मोहम्मद के सैकड़ों लड़ाके आज भी भारत और अफगानिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं.

इतना ही नहीं, रिपोर्ट में हरकत-उल जिहाद इस्लामी, हरकत-उल मुजाहिदीन और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों की मौजूदगी की भी पुष्टि की गई है. साथ ही ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) का भी उल्लेख है, जिसे लश्कर का ही एक हिस्सा माना जाता है और जिसने हाल के वर्षों में कई घातक हमलों को अंजाम दिया है. अमेरिका की यह रिपोर्ट पाकिस्तान के उन दावों की हवा निकालती है जिनमें वह खुद को आतंकवाद का शिकार बताता रहा है, जबकि हकीकत में वह आज भी आतंक की फैक्ट्री बना हुआ है.

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