रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह Rajnath Singh ने गुरुवार को ईरान युद्ध के कारण मौजूदा ग्लोबल हालात के बीच भारत के “पड़ोसी” देश को किसी भी “गलत काम” की हालत में निर्णायक कार्रवाई की सख्त चेतावनी दी.
28 फरवरी को ईरान पर US-इज़राइल के हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे मिडिल ईस्ट में पूरी तरह से युद्ध छिड़ गया है.
भारत की कार्रवाई निर्णायक होगी-Rajnath Singh
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिना किसी का नाम लिए कहा, “हमारा पड़ोसी, मौजूदा हालात में, कोई भी गलत काम कर सकता है. अगर वह ऐसा करता है, तो भारत की कार्रवाई पहले कभी नहीं हुई और निर्णायक होगी,” और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है.
नेवी देश के टैंकरों को होर्मुज की बंद स्ट्रेट से सुरक्षित निकाल रही हैं-Rajnath Singh
चुनाव वाले केरल में सैनिक सम्मान सम्मेलन में बोलते हुए सिंह ने यह भी कहा कि इंडियन नेवी के जहाज़ देश के टैंकरों को होर्मुज की बंद स्ट्रेट से सुरक्षित निकाल रहे हैं. उन्होंने कहा- “कुछ लोग वेस्ट एशिया के इस संघर्ष के कारण झूठ फैलाकर तनाव फैलाना चाहते हैं. न तो देश में पेट्रोल-डीजल की कमी है, न तो गैस की कमी है और भारत किसी भी संकट से निपटने के लिए तैयार है. हमारी नौसेना स्टेट ऑफ होर्मुज से भारतीय टैंकरों को सुरक्षित तरीके से निकाल रही है… जबकि विपक्ष इस संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय निम्न स्तर की राजनीति कर रहा है.”
ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने पिछले साल 7 मई को पाकिस्तान के खिलाफ़ ऑपरेशन सिंदूर मिलिट्री हमला किया था. यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए किया गया था, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े पाए गए आतंकियों ने कई आम लोगों को मार डाला था.
राजनाथ सिंह ने गुरुवार को इवेंट में कहा, “जिस तरह से आतंकियों ने पहलगाम में धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाया… वह हमला सिर्फ़ भारत पर नहीं बल्कि देश की सामाजिक एकता और सामाजिक ताने-बाने पर था.”
ऑपरेशन सिंदूर के तहत, भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. ऑपरेशन सिंदूर हमलों के बाद पाकिस्तान ने भारत की तरफ ड्रोन और मिसाइलें दागीं, जिससे चार दिन तक सैन्य संघर्ष चला.

