NoConfidenceMotion:मोदी सरकार के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव को लोकसभा स्पीकर की मंजूरी

दिल्ली : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव NoConfidenceMotion को स्वीकार कर लिया है. मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस के नेता गौरव गोगोई ने विपक्षी दल INDIA की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव NoConfidenceMotion पेश किया. अविश्वास प्रस्ताव NoConfidenceMotion पेश करने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने पूछा कि आपके पास कितने सदस्यों का समर्थन है ?

लोकसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव पास करते हुए कहा कि बहस के लिए समय बाद में तय किया जायेगा.सभापति द्वारा अविश्वास प्रस्ताव की मांग स्वीकार किये जाने के बाद सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से शुरू हो गयी. सरकार की ओर से पेश किए जा रहे बिलों पर विपक्षी सदस्यों ने अपनी राय रखी.

 मणिपुर यौन हिंसा मामले पर विपक्ष का सरकार के खिलाफ NoConfidenceMotion

आपको बता दें कि20 जुलाई को शुरु हुए संसद का सत्र विपक्ष के लगातार हंगामें के कारण स्थगित होता रहा है. मणिपुर में दो महिलाओ के खिलाफ बर्बर यौन हिंसा को लेकर विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री पर मामले को उदासीन होने का आरोप लगाता रहा है. इस मामले को लेकर आज विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है.  मोदी सरकार के खिलाफ पूर्वोत्तर में असम से कोलियाबोर से सांसद गोगोई ने INDIA की तरफ से आविश्वास प्रस्ताव पेश किया. INDIA के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन भारत राष्ट्र समिति(BRS) ने भी किया है. लोकसभा में BRS  के नौ सांसद हैं .

सरकार हर तरह से चर्चा के लिए तैयार

विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के बारे में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सरकार हर स्थिति के लिए ‘तैयार’ है. सरकार मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार है. मेघवाल ने कहा कि सत्र शुरू होने से पहले वे चर्चा चाहते थे, जब हम सहमत हुए तो उन्होंने नियमों का मुद्दा उठाया. जब हम नियमों पर एक समझौते पर पहुंचे तो वे नया मुद्दा लेकर आए कि पीएम आएं और चर्चा शुरू करें. मुझे लगता है कि ये सभी बहाने हैं.वहीं लोकसभा अध्यक्ष के प्रस्ताव स्वीकार कर लेने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि  “अब इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि आम तौर पर परंपरा यह है कि एक बार अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद, अन्य सभी काम निलंबित कर दिए जाते हैं और उन्हें उठाया जाना चाहिए.”

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम जानते हैं कि सदन में विपक्ष की संख्या कम है, प्रस्ताव गिरना तय है लेकिन इसे पेश करने का मकसद सरकार के प्रति अविश्वास को दर्शाने के लिए है .वहीं सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि हमारा मकसद मणिपुर के इंसाफ के लिए आवाज उठाना है. मोदी सरकार भले ही मणिपुर को भूल गई है लेकिन हम चाहते हैं कि मणिपुर को हर हाल में इंसाफ मिले .

 

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