Tuesday, February 10, 2026

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष, पीएम को खतरा वाले बयान और नेता विपक्ष को नहीं बोलने देने से है नाराज़

सोमवार को संसद के भीतर तेज़ी से ये खबर फैल गई की विपक्षी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में बोलने नहीं दिया गया. और सोमवार को भी उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला.

स्पीकर (Om Birla) सफाई दे रहे हैं ये गलत बात है-प्रियंका गांधी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “….स्पीकर साहब का खुद निरादर किया गया है. स्पीकर साहब पर दबाव है कि उनको खुद बयान देना पड़ रहा है कि जो सही नहीं है. सवाल ही नहीं उठता कि पीएम पर कोई हमला करे….ये कहना गलत है और उनको ये नहीं कहना चाहिए था और सरकार द्वार उन पर दबाव डाला गया है इसलिए उन्होंने ये कहा है क्योंकि उस दिन पीएम मोदी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की. इसलिए स्पीकर सफाई दे रहे हैं ये गलत बात है.”

सरकार या स्पीकर क्यों नहीं चाहते कि सदन में बजट पर बहस हो-शशि थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “हालात बहुत स्पष्ट हैं, मुझे नहीं पता कि सरकार या स्पीकर क्यों नहीं चाहते कि सदन में बजट पर बहस हो. बहुत साफ़ तौर पर, कई सालों से सदन की एक पुरानी परंपरा रही है. दो लोगों को हमेशा बोलने का मौका दिया जाता है, एक नेता प्रतिपक्ष और दूसरे संसदीय कार्य मंत्री… हमारे पास दो पीठासीन अधिकारी थे जिन्होंने नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका देने से मना कर दिया, जबकि संसदीय कार्य मंत्री जब भी हाथ उठाते हैं, उन्हें बोलने का मौका दिया जाता है, यह सही नहीं है. सदन हम सबका है… उन्हें(राहुल गांधी) अपनी बात रखने की इजाज़त मिलनी चाहिए… मुझे समझ नहीं आता कि सरकार और स्पीकर क्या चाहते हैं… संसद में दोनों पक्षों को बोलने का अधिकार होता है लेकिन एक पक्ष को बोलने से पूरी तरह से रोक देना बिल्कुल गलत है…”

हमने बातचीत की है, देखिए क्या निकलता है- अखिलेश यादव

हलांकि कांग्रेस नेताओं ने अविश्वास प्रस्ताव पर सीधा बयान नहीं दिया लेकिन समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “हम सब विपक्ष के लोग चाहते हैं कि सदन चले और उस समय तो सदन चलना और महत्वपूर्ण हो जाता है जब अमेरिका से इतनी बड़ी डील हुई है, डील नहीं ढील दी गई है… भाजपा यह भी समझा रही है कि 18 और शून्य बराबर है, इन सबके जवाब विपक्ष मांग रहा है क्योंकि बहुत दिनों के बाद बड़े पैमाने पर 1991-92 के बाद बाज़ार खुला है… सरकार को आगे आकर बहुत सी बातों को न लेकर सीधे-सीधे विपक्ष के सवाल का जवाब देना चाहिए.”
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी पार्टियों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने पर उन्होंने कहा, “स्पीकर का अपना सम्मान है, सदन की अपनी गरिमा है. उन बातों को लेकर हमने बातचीत की है, देखिए क्या निकलता है… हमारे लिए महत्वपूर्ण है कि जिस तरह से बाज़ार खोला जा रहा है, जिस तरह से ढील दी गई है उसपर चर्चा होनी चाहिए…”

पिछले हफ्ते लोकसभा में क्या हुआ था

पिछले हफ़्ते, संसद के निचले सदन में उस समय नारेबाजी और हंगामा हुआ जब राहुल गांधी ने चीन के साथ 2020 के गतिरोध पर चर्चा करने के लिए पूर्व आर्मी चीफ़ जनरल MM नरवणे की “अनपब्लिश्ड” यादों का ज़िक्र किया.
स्पीकर ने एक आदेश पारित किया था, जिसमें राहुल गांधी से “अनपब्लिश्ड” किताब का ज़िक्र न करने को कहा गया था और किताब पढ़ने की इजाज़त देने से मना कर दिया था.
5 फरवरी को, स्पीकर बिरला ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किसी भी बुरी घटना को रोकने के लिए सदन में न आने का आग्रह किया था, क्योंकि उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ कांग्रेस MP सदन में PM की सीट पर आ सकते हैं और “ऐसी घटना कर सकते हैं जो पहले कभी नहीं हुई.”

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