Tuesday, January 27, 2026

रिटायर्ड जस्टिस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का गवर्नर बनाए जाने पर विपक्ष नाराज,ऐसा चलन स्वतंत्र न्याय व्यवस्था के लिए खतरा

दिल्ली : रिटायर्ड जस्टिस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का गवर्नर बनाए जाने पर विरोध शुरू हो गया है. विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं.जस्टिस अब्दुल नजीर अयोध्या राममंदिर और नोटबंदी वाले फैसले से जुड़े रहे हैं.ये दोनों फैसले सरकार के पक्ष में आए थे.

राशिद अल्वी ने किया विरोध

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राशिद अल्वी ने कहा है कि जज को सरकारी नौकरी देना, पद देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 50 प्रतिशत रिटायर्ड जज ऐसे हैं जिन्हें सरकार ने कहीं ना कहीं जगह दे रखी है, जिसकी वजह से न्याय व्यवस्था से लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है. राशिद अल्वी ने कहा कि अभी जस्टिस गोगोई को राज्य सभा का सदस्य बना दिया गया था और अब जस्टिस नज़ीर को गवर्नर बना दिया.

ज्यूडिशियरी को स्वतंत्र छोड़ दे सरकार

राशिद अल्वी ने कहा कि पहले ही लोग राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं कि ये फैसला सरकार के दबाव में हुआ है.जस्टिस गोगोई के बाद जस्टिस नजीर को गवर्नर बनाना उन लोगों के शक को और मजबूत करता है.सरकार को चाहिए कि ज्यूडिशियरी को स्वतंत्र छोड़ दे और संविधान का अनुच्छेद 50 यही कहता भी है.

ये सैद्धांतिक तौर पर बिलकुल गलत है

रिटायर्ड जस्टिस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश का गवर्नर बनाए जाने पर अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है.उन्होंने कहा कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने 2013 में कहा था कि रिटायरमेंट से पहले के निर्णय रिटायरमेंट के बाद की नौकरी से प्रभावित हैं. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि ये पहली बार हुआ है लेकिन अब ये ज्यादा हो रहा है जो सैद्धांतिक तौर पर बिलकुल गलत है.

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वो किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बोल रहे हैं. ये स्वतंत्र न्यायिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है इसलिए मैं इसका विरोध करता हूं.

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