Samvidhaan Hatya Diwas: भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि 25 जून को आपातकाल लागू करने की याद में संविधान हत्या दिवस Samvidhaan Hatya Diwas के रूप में मनाया जाएगा. केंद्र सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस की ओर से पहली प्रतिक्रिया देते हुए महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर ‘4 जून मोदी-मुक्ति दिवस’ बनाने की बात कही है.
‘4 जून मोदी-मुक्ति दिवस’-जयराम रमेश
दरअसल लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने बीजेपी के 400 पार के नारे को उसने नेताओं के संविधान बदलने के बयानों से जोड़ कर जो संविधान बचाने की बात की उससे बीजेपी और मोदी सरकार को चुनाव में काफी नुकसान हुआ. बीजेपी संसद में बहुमत के आकड़े से दूर हो गई. इसी बात का जवाब देने के लिए अब बीजेपी 1975 में इंदरा गांधी द्वारा लगाई इमरजेंसी की यादें लोगों के दिमाग में जिंदा करना चाहती है ताकि कांग्रेस के संविधान बचाने के नारे का मुकाबला किया जा सके.
बीजेपी सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पोस्ट किया, “नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री एक बार फ़िर हिपोक्रेसी से भरा एक हेडलाइन बनाने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन भारत के लोगों से 4 जून, 2024 — जिसे इतिहास में मोदी मुक्ति दिवस के नाम से जाना जाएगा — को मिली निर्णायक व्यक्तिगत, राजनीतिक और नैतिक हार से पहले उन्होंने दस सालों तक अघोषित आपातकाल लगा रखा था.
यह वही नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने भारत के संविधान और उसके सिद्धांतों, मूल्यों एवं संस्थानों पर सुनियोजित ढंग से हमला किया है.
यह वही नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री हैं जिनके वैचारिक परिवार ने नवंबर 1949 में भारत के संविधान को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि यह मनुस्मृति से प्रेरित नहीं था.
यह वही नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री हैं जिनके लिए डेमोक्रेसी का मतलब केवल डेमो-कुर्सी है. “
नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री एक बार फ़िर हिपोक्रेसी से भरा एक हेडलाइन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन भारत के लोगों से 4 जून, 2024 — जिसे इतिहास में मोदी मुक्ति दिवस के नाम से जाना जाएगा — को मिली निर्णायक व्यक्तिगत, राजनीतिक और नैतिक हार से पहले उन्होंने दस सालों तक अघोषित…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 12, 2024
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर Samvidhaan Hatya Diwas मनाने की दी थी जानकारी
इससे पहले सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर नोटिफिकेशन की कॉपी शेयर करते हुए लिखा था, “25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने अपनी तानाशाही मानसिकता को दर्शाते हुए देश में आपातकाल लगाकर भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंट दिया था. लाखों लोगों को अकारण जेल में डाल दिया गया और मीडिया की आवाज को दबा दिया गया. भारत सरकार ने हर साल 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय किया है. यह दिन उन सभी लोगों के विराट योगदान का स्मरण करायेगा, जिन्होंने 1975 के आपातकाल के अमानवीय दर्द को झेला था.”

