Wednesday, January 28, 2026

नैरोबी में लापता हुए दो भारतीयों का तीन महीने बाद भी कोई सुराग नहीं,भारतीय दूतावास के अधिकारी केन्या के राष्ट्रपति से मिले

केन्या के नैरोबी में बाला जी टेलीफिल्म के जुल्फिकार अहमद खान और उनके दोस्त मोहम्मद ज़ैद सामी किदवई के गायब होने के मामले में तीन महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है. केन्या में भारतीय दूतावास के अधिकारी नामग्या खम्पा अपने नागरिकों की सलामती और जांच को तेज करने के लिए केन्या के राष्ट्रपति विलियम समोई रुतो से मिले और अपनी चिंता जाहिर की है.

21 जुलाई को नैरोबी में गायब हुए दो भारतीय नागरिक 

जुल्फिकार अहमद खान और उनके दोस्त मोहम्मद ज़ैद सामी किदवई को 21 जुलाई की शाम उस समय अगवा कर लिया गया जब वे लोग मोम्बासा रोड से टैक्सी ड्राइवर निकोडेमस मवानिया के साथ जा रहे थे और अचानक लापता हो गये. केन्या में अधिकारियों ने सोमवार को इस मामले में चार पुलिस अधिकारियों को अदालत में पेश किया.इन चारों आरोपियों में एक आरोपी केन्या के विघटित पुलिस संगठन  SSU(SPECIAL SERVICE UNIT) का सदस्य है औऱ दूसरा उसका सहयोगी है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस मामले  को लेकर केन्या में भारतीय दूतावास के अधिकारी नामग्या खम्पा और केन्या के राष्ट्रपति विलियम समोई रुतो के बीच हुई मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केन्या पुलिस की हाल ही में भंग हुई स्पेशल सर्विस यूनिट के अधिकारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. इस मामले की जांच केन्याई पुलिस की आंतरिक मामलों की इकाई (IAU) कर रही है. हमने पाया है कि इस संबंध में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें केन्याई पुलिस की हाल ही में समाप्त की गई विशेष सेवा इकाई के अधिकारी भी शामिल हैं.

सूत्रों का कहना है कि बाला जी टेलीफिल्म के बाद जुल्फिकार अहमद खान और उनके दोस्त मोहम्मद ज़ैद सामी किदवई केन्या के राष्ट्रपति का सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल कर रहे थे.ये भी बताया जा रहा है कि दोनों भारतीय केन्या के राष्ट्रपति के मीडिया एडवायजर के तौर पर काम कर रहे थे.जुल्फिकार अहमद खान और उनके दोस्त मोहम्मद ज़ैद सामी किदवई राष्ट्रपति के पॉलिटिकल कैंपेन को भी देख रहे थे.इसी काम के सिलसिले में वो दोनों राष्ट्रपति के विरोधियों के निशाने पर आ गए और उनका अपहरण कर लिया गया.

इस अपहरण में स्पेशल सर्विस यूनिट के लोगों का हाथ है जिस यूनिट को हाल ही में बैन कर दिया गया था.अभी तक की खबर के मुताबिक़ अपहरण के बाद दोनों भारतीयों की हत्या कर दी गई है लेकिन अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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