Tuesday, January 13, 2026

चिराग पासवान को लेकर क्यों बेचैन है बीजेपी,कहां फसा है पेंच,चिराग को मनाने चौथी बार पहुंचे नित्यानंद राय

Chirag Paswan : बिहार विधानसभा में चुनाव के तारीखों की घोषणा के बाद भी अभी तक चाहे एनडीए हो या महागठबंधन , किसी भी खेमें में अभी सीटों के बंटबारे को लेकर फैसला नहीं हुआ है. एनडीए में माना जा रहा है कि मोटा-माटी गठबंधन के सीटों को लेकर फैसला हो गया है लेकिन पेंच चिराग पासवान को लेकर फंसा हुआ है.

Chirag Paswan अपनी मांग पर अड़े 

चिराग पासवान अपनी मांगो पर अड़े हुए हैं और बीजेपी लगातार उन्हें अपने हिसाब से मनाने में लगी है. इसी कड़ी में आज शुक्रवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और गृहराज्यमंत्री नित्यानंद राय आज चौथी बार चिराग पासवान से मिलने उनके घर पहुंचे. नित्यानंद राय एक दिन पहले यानी 9 अक्टूबर  गुरुवार को भी चिराग पासवान से मिलने उनके घर पर पहुंचे थे और पहले उनकी मां से मुलाकात की थी. चिराग पासवान उस समय घर पर नहीं थे्, तो फिर शाम को चिराग पासवान से मिले. मुलाकात के बाद  मीडिया के सामने दोनों नेता मुस्कुराते नजर आये और संदेश दिया कि सब ठीक ठीक है, लेकिन जानकारों का मानना है कि चिराग पासवान और बीजेपी के सब बीच कुछ ठीक-ठाक नहीं है. चिराग पासवान ने नित्यानंद राय से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि “अभी बातचीत चल रही है,सब पॉजेटिव है.” 

 दरअसल विधानसभा चुनाव के लिए इस समय एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम दौर की चर्चा चल रही है. चिराग पासवान की मांग है कि उनकी पार्टी को कम से कम 40 सीटें मिलनी चाहिये. जिसमें से 5-7 ऐसी सीटें भी हैं जो बीजेपी या जेडीयू की मानी जाती है. खबर है कि बीजेपी 25 सीटें तक देने के लिए लगभग राजी है लेकिन चिराग पासवान की ओर से अभी इस पर हरी झंडी नहीं मिली है.

भाजपा के लिए क्यों जरुरी हैं चिराग पासवान  ?

अब सवाल है कि आखिर बिहार में तमाम वादों और घोषणाओं के बावजूद बीजेपी अपने एक सहयोगी को मनाने के लिए इतनी कोशिशें क्यों कर रही है , तो इसका जवाब में पिछले विधानसभा चुनाव के परिणाणों को देखने से मिलता है. पिछली बार चिराग पासवान कम सीटें मिलने से नाराज होकर अकेले ही विधानसभा चुनाव में उतर गये और उन्होनों जेडीयू को भारी नुकसान पहुंचाया था.हर उस सीट पर उम्मीदवार उतार दिये थे, जहां से नीतीश कुमार की जेडीयू चुनाव लड़ रही थी. यही वजह रही कि पिछले विधानसभा चुनाव में जेडीयू कई जगहों पर बहुत कम मतों के अंतर से हार गई और केवल 43 सीटों पर सिमट कर रह गई थी.

माना जा रहा है कि भाजपा ऐसी किसी स्थिति में पड़ना नहीं चाहती है इसलिए चिराग पासवान को मनाने में लगी है. सियासी गलियारों में ये भी खबर चल रही है कि अगर एनडीए में चिराग पासवान को मन मुताबिक सीटें नहीं मिली तो वो एक बाऱ फिर से एनडीए को छोड़ किसी और किसी और के साथ जा सकते हैं. कहा जा रहा है कि चिराग पासवान प्रशांत किशोर को साथ भी जा सकते हैं.

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