Chirag Paswan : बिहार विधानसभा में चुनाव के तारीखों की घोषणा के बाद भी अभी तक चाहे एनडीए हो या महागठबंधन , किसी भी खेमें में अभी सीटों के बंटबारे को लेकर फैसला नहीं हुआ है. एनडीए में माना जा रहा है कि मोटा-माटी गठबंधन के सीटों को लेकर फैसला हो गया है लेकिन पेंच चिराग पासवान को लेकर फंसा हुआ है.
#WATCH | Delhi | On seat-sharing talks for Bihar elections with LJP(RV) President Chirag Paswan, Union Minister Nityanand Rai says, “Chirag Paswan is a Union Minister and he has minced no words in saying what he has said. Everything is positive.” pic.twitter.com/unf2jAQkAx
— ANI (@ANI) October 10, 2025
Chirag Paswan अपनी मांग पर अड़े
चिराग पासवान अपनी मांगो पर अड़े हुए हैं और बीजेपी लगातार उन्हें अपने हिसाब से मनाने में लगी है. इसी कड़ी में आज शुक्रवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और गृहराज्यमंत्री नित्यानंद राय आज चौथी बार चिराग पासवान से मिलने उनके घर पहुंचे. नित्यानंद राय एक दिन पहले यानी 9 अक्टूबर गुरुवार को भी चिराग पासवान से मिलने उनके घर पर पहुंचे थे और पहले उनकी मां से मुलाकात की थी. चिराग पासवान उस समय घर पर नहीं थे्, तो फिर शाम को चिराग पासवान से मिले. मुलाकात के बाद मीडिया के सामने दोनों नेता मुस्कुराते नजर आये और संदेश दिया कि सब ठीक ठीक है, लेकिन जानकारों का मानना है कि चिराग पासवान और बीजेपी के सब बीच कुछ ठीक-ठाक नहीं है. चिराग पासवान ने नित्यानंद राय से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि “अभी बातचीत चल रही है,सब पॉजेटिव है.”
#WATCH | Delhi | On seat-sharing talks for Bihar elections with BJP, LJP(R) President Chirag Paswan says, ” The talks are going in a positive manner and are in their end stage now. We want to hold discussions on all minute issues, seats, candidates, and campaigning…” https://t.co/2c8wy3pHpr pic.twitter.com/Zyxwer7U4k
— ANI (@ANI) October 10, 2025
दरअसल विधानसभा चुनाव के लिए इस समय एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम दौर की चर्चा चल रही है. चिराग पासवान की मांग है कि उनकी पार्टी को कम से कम 40 सीटें मिलनी चाहिये. जिसमें से 5-7 ऐसी सीटें भी हैं जो बीजेपी या जेडीयू की मानी जाती है. खबर है कि बीजेपी 25 सीटें तक देने के लिए लगभग राजी है लेकिन चिराग पासवान की ओर से अभी इस पर हरी झंडी नहीं मिली है.
भाजपा के लिए क्यों जरुरी हैं चिराग पासवान ?
अब सवाल है कि आखिर बिहार में तमाम वादों और घोषणाओं के बावजूद बीजेपी अपने एक सहयोगी को मनाने के लिए इतनी कोशिशें क्यों कर रही है , तो इसका जवाब में पिछले विधानसभा चुनाव के परिणाणों को देखने से मिलता है. पिछली बार चिराग पासवान कम सीटें मिलने से नाराज होकर अकेले ही विधानसभा चुनाव में उतर गये और उन्होनों जेडीयू को भारी नुकसान पहुंचाया था.हर उस सीट पर उम्मीदवार उतार दिये थे, जहां से नीतीश कुमार की जेडीयू चुनाव लड़ रही थी. यही वजह रही कि पिछले विधानसभा चुनाव में जेडीयू कई जगहों पर बहुत कम मतों के अंतर से हार गई और केवल 43 सीटों पर सिमट कर रह गई थी.
माना जा रहा है कि भाजपा ऐसी किसी स्थिति में पड़ना नहीं चाहती है इसलिए चिराग पासवान को मनाने में लगी है. सियासी गलियारों में ये भी खबर चल रही है कि अगर एनडीए में चिराग पासवान को मन मुताबिक सीटें नहीं मिली तो वो एक बाऱ फिर से एनडीए को छोड़ किसी और किसी और के साथ जा सकते हैं. कहा जा रहा है कि चिराग पासवान प्रशांत किशोर को साथ भी जा सकते हैं.

