Thursday, February 12, 2026

Nepal protests: काठमांडू में फिर भड़की हिंसा, मंत्री के आवास में आग लगाई, प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की कर रहे हैं मांग

Nepal protests: मंगलवार सुबह पूरे नेपाल में छात्रों के नेतृत्व में नए सिरे से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. ये नए प्रदर्शन कर्फ्यू और अन्य प्रतिबंधों के बावजूद हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने ललितपुर के खुमालतार स्थित पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के आवास में तोड़फोड़ की और काठमांडू के बुधनीलकांठा स्थित पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के घर के सामने प्रदर्शन किया.
ये प्रदर्शन नेपाल सरकार के सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटाए जाने के कुछ ही घंटों बाद फिर शुरु हुए हैं.
जिसके बाद प्रशासन ने राजधानी में प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए. काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने नेपाली राजधानी के रिंग रोड इलाके में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है.
प्रदर्शनकारियों ने नेपाल संसद के पास और कलंकी सहित अन्य जगहों पर प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध कर दिया. वे नारे लगाते और पुलिस से भिड़ते देखे गए.

छात्रों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व किया

नेपाल के कई हिस्सों में मंगलवार को छात्रों के नेतृत्व में नए सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक समारोहों पर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफे की मांग की.
काठमांडू के कलंकी और बानेश्वर के साथ-साथ ललितपुर जिले के चापागांव-थेचो इलाके से भी प्रदर्शनों की खबरें आईं.

Nepal protests: काठमांडू में भड़की ताज़ा हिंसा की तस्वीरें

नेपाल के काठमांडू में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी. कल रात देश में फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया साइटों पर से प्रतिबंध हटा लिए जाने के बाद ये हिंसा फिर भड़की है.

कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी ने इस्तीफ़ा दिया

इस बीच नेपाल के कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक दिन पहले काठमांडू और नेपाल के अन्य हिस्सों में ‘जनरेशन ज़ेड’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार की कार्रवाई की निंदा की, जिसके कारण 19 लोगों की मौत हो गई.
नेपाली कांग्रेस के शेखर कोइराला गुट से जुड़े अधिकारी ने सोमवार को हुए ‘जनरेशन ज़ी’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार की सत्तावादी प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया.

गृह मंत्री रमेश लेखक ने सोमवार को इस्तीफ़ा दे दिया

वहीं, इससे पहले गृह मंत्री रमेश लेखक ने भी सोमवार को एक आपात कैबिनेट बैठक में इस्तीफ़ा दे दिया था.
यह हिंसा ऐसे समय में हुई जब नेपाल सरकार सोशल मीडिया को विनियमित करने के व्यापक प्रयास में जुटी है, जिसके तहत एक विधेयक पारित किया जा रहा है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म “उचित रूप से प्रबंधित, ज़िम्मेदार और जवाबदेह” हों.

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