NCERT Class 8 Revised Textbook नई दिल्ली: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की कक्षा 8 की सोशल साइंस की टेक्स्टबुक को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझ गया है . सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का जिक्र करने वाले चैप्टर पर बैन लगाए जाने के बाद, अब किताब को संशोधित (Revise) कर दिया गया है. शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, यह नई किताब अगले एक हफ्ते के भीतर छात्रों के लिए उपलब्ध हो जाएगी.
NCERT Class 8 Revised Textbook पर एक्सपर्ट कमेटी ने दी हरी झंडी
संशोधित किताब को NCERT द्वारा गठित एक विशेष एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी मंजूरी दे दी है. इस कमेटी को खास तौर पर न्यायपालिका से जुड़े विवादित चैप्टर की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अब केवल NCERT की सिलेबस कमेटी की अंतिम बैठक का इंतजार है, जिसके बाद इसे फाइनल मंजूरी मिल जाएगी.
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, “एक्सपर्ट पैनल ने संशोधित कंटेंट को ओके कर दिया है. सिलेबस कमेटी की बैठक के बाद उम्मीद है कि इस हफ्ते के अंत तक प्रिंटिंग का काम शुरू हो जाएगा.”
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाया था बैन?
यह पूरा विवाद कक्षा 8 की किताब ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड (पार्ट II)’ के एक चैप्टर से शुरू हुआ था. ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ नामक चैप्टर में कुछ ऐसे अंश थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने “आपत्तिजनक” माना था. कोर्ट का कहना था कि इस कंटेंट से न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्था की छवि को गंभीर नुकसान पहुँचा है.
मार्च में सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद NCERT ने बिना शर्त माफी मांगी थी और किताब के पब्लिकेशन, रीप्रिंटिंग और डिजिटल सर्कुलेशन पर तुरंत रोक लगा दी थी.
नई कमेटी में शामिल हुए दिग्गज संस्थान
विवाद के बाद केंद्र सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि सिलेबस को दोबारा तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी. इसी कड़ी में NCERT ने 20 सदस्यों वाली ‘नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग लर्निंग मटीरियल कमेटी’ (NSTC) का पुनर्गठन किया है. इस नई कमेटी में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के दिग्गजों को शामिल किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
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वी. कामकोटी: डायरेक्टर, IIT मद्रास
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रघुवेंद्र तंवर: चेयरमैन, ICHR
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आर. वेंकट राव: पूर्व वाइस-चांसलर, NLSIU
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अमरेन्द्र प्रसाद बेहरा: सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी (NCERT)
गौरतलब है कि इस बदलाव के साथ पुराने तीन सदस्यों—मिशेल डैनिनो, बिबेक देबरॉय और एम.डी. श्रीनिवास को पैनल से हटा दिया गया है.
छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत
नया शैक्षणिक सत्र (Academic Session) 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन किताबों की उपलब्धता में देरी के कारण छात्र और अभिभावक काफी परेशान थे. अब जबकि किताब एक हफ्ते के भीतर बाजार में आने वाली है, तो स्कूलों और छात्रों के लिए सिलेबस को समय पर पूरा करने की चिंता दूर होने की उम्मीद है.

