Sunday, June 28, 2026
Home Breaking News मुजफ्फरनगर में बेरोजगार को मिला 257 करोड़ का GST बिल, ऑनलाइन फ्रॉड...

मुजफ्फरनगर में बेरोजगार को मिला 257 करोड़ का GST बिल, ऑनलाइन फ्रॉड का क्लासिक केस

0
213
Muzaffarnagar GST Fraud
Muzaffarnagar GST Fraud

Muzaffarnagar GST Fraud  :  उत्तर प्रदेश के  मुजफ्फरनगर में एक बेरोजगार युवक को जीएसटी विभाग ने 257 करोड़ रुपये का जीएसटी बिल थमाया है. नौकरी की तलाश कर रहे युवक के पैरों तले से उस समय ज़मीन खिसक गई,जब जीएसटी विभाग के कुछ कर्मचरियों ने उसके घर का दरवाजा खटखटया. बेरोजगार युवक को इन कर्मचारियों ने बताया कि वो एक कंपनी का मालिक है और उसने करोड़ों का कारोबार किया है . उस कारोबार के दौरान उसपर करीब 250 करोड़ की GST ई वे बिलिंग बकाया है , उसे ये बिल चुकाने हैं.

Muzaffarnagar GST Fraud : बेरोजगार युवक कैसे बना फ्रॉड का शिकार  

दरअसल मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र में पड़ने वाले बड़सू गांव के रहने वाले बेरोजगार युवक अश्विनी कुमार को कुछ समय पहले नौकरी के लिए व्हाट्सएप पर एक कॉल आया था. नौकरी की तलाश में भटक रहे युवक को घर बैठे नौकरी का और लाखों कमाने के ऑफर मिला. नौकरी की चाह में भटक रहे अश्विनी से कॉल करने वाले ने उसके ऑरिजिनल डाक्यूमेंट के पेपर्स मांगे. अश्विनी ने जॉब वेरिफिकेशन के नाम पर अपने सभी डॉक्यूमेंट मांगने वाले को वाट्सएप पर ही भेज दिये. अश्विनी का कहना है कि उसने नौकरी देने का वादा करने वाले को फीस के तौर पर 1750 रुपए भी दिये थे. कागजात और पैसे भेजने के बाद भी बेरोजगार अश्विनी को नौकरी तो नहीं मिली , उल्टे मुसिबत गले पड़ गई. उसके नाम से किसी ने फर्जी कंपनी बनाई, बैक में अकाउंट खोला और उसके जरिये करोड़ों का ट्रांजेकिशन किया. ढाई सौ करोड़ रुपये का जीएसटी ई वे बिलिंग बना कर गायब हो गया.

आन-लाइन फ्रॉड से कैसे बचें   

इन दिनों इंटरनेट के विस्तार और मोबाइल फोन्स की गांव गांव तक पहुंच ने आम लोगों के जीवन को आसान कर दिया है लेकिन यहीं फ्रॉड करने वालों की भी चांदी हो गई है. कई बार तकनीकी जानकारी के अभाव में या फिर लालच के कारण लोग ऑनलाइन ठगी की शिकार हो जाते हैं. इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए सरकार और कंपनियां समय समय पर लोगों को जानकारियां देती है और उन फ्रॉड से बचने के तरीके भी बताती है. बस जरुरत है उनपर अमल करने की. जैसे किसी अनजान आदमी को कभी भी अपने जरुरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैनकार्ड, ऑरिजिनल मार्कशीट्श, ऑरिजनिल एड्रेस और पासपोर्ट और किसी तरह के ओटीपी तब तक साझा ना करें, जब तक कि आपको उनके बारे में पूरी जानकारी ना हो. इस तरह का फ्रॉड करने वाले अक्सर लोगों की मजबूरी और लालच और कम जानकार होने का  फायदा उठाते हैं. आपको ये ये मान कर चलना चाहिये कि आपको मुफ्त में कोई चीज या फायदा क्यों देगा?

ऑनलाइन ठगी से बचने का एक मात्र उपाय यही है कि आप किसी अनजान कॉल पर भरोसा ना करें,नाही  उनके साथ अपने दस्तावेज साझा करें. सावधानी और चौकन्नापन से ही  ऐसे धोखाधड़ी से बचा जा सकता है.