Wednesday, March 11, 2026

Munawwar Rana: उनकी शायरी प्रेरक है, उनके लिखने का अपना अंदाज़ था-जावेद अख्तर ने दिया मुनव्वर राणा के जनाजे को कंधा

अपने अनूठी आवाज और शैली के लिए जाने जाने वाले भारत के सबसे तत्कालीन लोकप्रिय कवियों में से एक, प्रसिद्ध कवि मुनव्वर राणा का देहांत हो गया है. मुनव्वर राणा लंबे समय से गले के कैंसर से पीड़ित थे. 71 वर्ष की आयु में रविवार देर रात उन्होंने लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में अंतिम सांस ली.

जावेद अख्तर ने दिया शायर मुनव्वर राणा के जनाज़े को कंधा

शायर को अंतिम विदाई देने लखनऊ पहुंचे प्रसिद्ध फिल्म लेखक व गीतकार जावेद अख्तर ने मुनव्वर राणा के जनाज़े को कंधा दिया. जावेद अख्तर ने कहा, शायरी और उर्दू का यह एक बड़ा नुकसान है… मुझे इसका बेहद अफसोस है. यह नस्ल एक-एक करके जा रही है और इसकी भरपाई नहीं हो पाएगी, उनकी कमी हमेशा खलेगी… उनकी शायरी प्रेरक है, उनके लिखने का अपना अंदाज़ था. अच्छी शायरी करना मुश्किल है लेकिन उससे भी ज़्यादा मुश्किल है अपनी शायरी करना.”

मां पर कविता लिखने के लिए मशहूर थे मुनव्वर राणा

शायर मुनव्वर राणा का जन्म नवंबर 1952 में उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुआ. राणा हिंदी और उर्दू दोनों में लिखते थे. वह भारत और विदेशों में होने वाले मुशायरों में एक प्रमुख नाम थे. उनके गुरु प्रसिद्ध कवि अली अब्बास खान बेखुद और वली आसी थे. जिनकी देखरेख में मुनव्वर ने कविता सीखी.
मुनव्वर राणा की सबसे मशहूर कामों में उनकी कविता ‘मां’ को माना जाता है, जिसमें उन्होंने मां के गुणों का बखान करने के लिए गजल शैली का इस्तेमाल किया था. इसके अलावा उनकी कुछ प्रमुख कृतियों में ‘मुहाजिरनामा’, ‘घर अकेला हो गया’ और ‘पीपल छांव’ शामिल हैं. उनकी कविता का हिंदी, उर्दू, गुरुमुखी और बंगाली में भी अनुवाद और प्रकाशन हुआ है.
राणा को उनकी पुस्तक ‘शाहदाबा’ के लिए 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. हालाँकि, उन्होंने 2015 में लेखकों के विरोध के हिस्से के रूप में इसे वापस कर दिया था. इसके अलावा मुनव्वर को अमीर ख़ुसरौ पुरस्कार, मीर तक़ी मीर पुरस्कार, डॉ ज़ाकिर हुसैन पुरस्कार और सरस्वती समाज पुरस्कार भी मिले हैं. ये सभी साहित्य जगत के बड़े पुरस्कार माने जाते हैं.
कवि के परिवार में उनकी पत्नी, चार बेटियां और एक बेटा है.

प्रधानमंत्री, अखिलेश यादव समेत कई लोगों ने जताया शोक

मशहूर शायर के निधन पर पीएम मोदी ने दुख जताया. एक्स पर पोस्ट में पीएम ने लिखा “श्री मुनव्वर राणा जी के निधन से दुख हुआ, उन्होंने उर्दू साहित्य और कविता में समृद्ध योगदान दिया. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना. उनकी आत्मा को शांति मिले.”


वहीं शायर मुनव्वर राणा के निधन पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “मुनव्वर राणा देश के बड़े शायर थे… ऐसे शायर बहुत कम होते हैं जो कई मौकों पर बहुत स्पष्ट होते हैं… मैं प्रार्थना करूंगा कि भगवान उनके परिवार को यह दुख सहने की हिम्मत दें।”


उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी शायर मुनव्वर राणा के निधन पर शोक व्यक्त किया, “उनके निधन से हम और साहित्य जगत दुखी है. भगवान उनके परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे.”

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