Umrah pilgrims stranded in Mecca-Medina : मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और एयरस्ट्राइक की वजह से अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. इसके चलते सऊदी अरब के मक्का और मदीना में लगभग 4,000 भारतीय उमरा यात्री फंसे हुए हैं. इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया जैसी भारतीय एयरलाइंस की उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और डीजीसीए (DGCA) से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है.
Hyderabad, Telangana: AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, “For the past two to three weeks, nearly 4,000 Umrah pilgrims from India have been stranded in Medina, Jeddah, and Mecca. They are facing immense hardships, as their travel agents have completely abandoned them to their fate. All 4,000 of these Umrah pilgrims had traveled via IndiGo Airlines, Akasa Air, and Air India. However, the DGCA in India is currently not granting permission to these three airlines, IndiGo, Akasa, and Air India, to fly to Jeddah. We demand that the DGCA immediately permit these three airlines to deploy larger aircraft, such as the A321, to operate foreign flights. This will allow all 4,000 Indian pilgrims stranded there, who are facing dire conditions after being abandoned by their travel agents, to be brought back…”
— IANS (@ians_india) October 22, 2026
बड़े विमानों और स्पेशल उड़ानों की मांग
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले दो-तीन हफ्तों से भारतीय नागरिक जेद्दा, मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं. ट्रैवल एजेंट भी कई यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ चुके हैं. ओवैसी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अपील की है कि एयरलाइंस को A321 जैसे बड़े विमान चलाने की अनुमति दी जाए ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को वापस लाया जा सके. उन्होंने कहा कि यदि इसकी अनुमति नहीं मिलती है, तो सरकार को विशेष विमान भेजकर सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्वदेश लाना चाहिए.
आर्थिक रूप से कमजोर हैं कई यात्री
ओवैसी ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से गुहार लगाते हुए कहा कि फंसे हुए ज्यादातर तीर्थयात्री साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं. वे सऊदी एयरलाइंस की महंगी टिकटें खरीदने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए भारत सरकार को त्वरित कदम उठाने चाहिए.
सऊदी एयरपोर्ट्स पर हूती हमलों से बिगड़े हालात
दरअसल, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के हवाई अड्डों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. 11 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 13 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें हैदराबाद का एक नागरिक भी शामिल था। इसके बाद 21 अक्टूबर की रात दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले में भी दो लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए. इन हमलों के चलते सुरक्षा कारणों से उड़ानों का परिचालन बाधित हुआ है और भारतीय यात्री वहां फंस गए हैं.

