थोड़ी देर में PM मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक,सुरक्षा और व्यापार समेत इन अहम मुद्दों पर टिकी नजर

PM Modi-Putin Meeting नई दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में 18वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit 2026) का आगाज बिजनेस फोरम के साथ हो चुका है. शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन समेत दुनिया के कई प्रमुख नेता भारत पहुंचे हैं. समिट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय (Bilateral) बैठक आयोजित हो रही है.

दोनों नेताओं की यह मुलाकात वैश्विक कूटनीति के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है, जहां रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को लेकर बड़े फैसलों की उम्मीद है.

PM Modi-Putin Meeting : किन मुद्दों पर होगी भारत-रूस के बीच बातचीत?

1. रक्षा सौदे और स्टेल्थ फाइटर जेट (Su-57)

बैठक के दौरान रक्षा सहयोग को लेकर कई बड़े ऐलान संभव हैं। रूस की ओर से भारत को अपने आधुनिक सुखोई Su-57 (Su-57) स्टेल्थ फाइटर जेट्स की आपूर्ति और संयुक्त उत्पादन को लेकर चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की बाकी डिलीवरी में तेजी लाने और ब्रह्मोस (BrahMos) मिसाइलों के एडवांस्ड अपग्रेड को लेकर भी बातचीत होगी।

2. नागरिक विमान और ‘मेक इन इंडिया’

नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में भारत में विमान निर्माण को बढ़ावा देने पर बातचीत जारी है। इसमें IL-114 टर्बोप्रॉप और सुखोई सुपरजेट 100 जैसे वाणिज्यिक विमानों का भारत में ही निर्माण और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर शामिल है।

3. ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Energy)

रूस से कच्चे तेल (Crude Oil) की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना और डॉलर के बजाय स्थानीय मुद्राओं में व्यापार (De-dollarisation) को मजबूत करना एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है। इसके साथ ही भारत में नए सिविल न्यूक्लियर रिएक्टर्स (परमाणु ऊर्जा संयंत्र) की स्थापना पर भी दोनों देश आगे कदम बढ़ा सकते हैं।

4. 100 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य

भारत और रूस ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बायलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी (BIT), फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और ऑटो एक्सपोर्ट्स को रफ्तार देने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

5. रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख

बैठक में रूस-यूक्रेन संघर्ष और शांति बहाली के प्रयासों पर भी चर्चा होना तय है. भारत की ओर से पीएम मोदी एक बार फिर ‘शांति, संवाद और कूटनीति’ के जरिए समाधान निकालने का संदेश दोहरा सकते हैं.

भारत मंडपम पहुंचने की तैयारी

द्विपक्षीय वार्ता के समापन के तुरंत बाद दोनों नेता और विदेशी प्रतिनिधिमंडल ‘भारत मंडपम’ पहुंचेंगे. भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन का मुख्य फोकस वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की मजबूती, डिजिटल अर्थव्यवस्था, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित है.

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा बल चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं.

Latest news

Related news