Sunday, March 8, 2026

Manoj Jha Row: आनंद मोहन की लालू यादव को चेतावनी, “साथ में है, लेकिन भीखमंगा समझने की भूल नहीं करना”

संसद में आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा द्वारा पढ़ी गई एक कथित ठाकुर विरोधी कविता पर खड़ा हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार को RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के अपने सांसद मनोज झा के बयान का समर्थन करने के बाद मामला इतना बढ़ गया है कि बीजेपी के एक नेता ने तो मनोज झा का सर कलम करने तक की धमकी दे डाली है.

गर्दन उतार कर हाथ में रख देंगे-बीजेपी विधायक

बीजेपी विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने मनोज झा के खिलाफ बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर मनोज झा क्षत्रिय समाज से माफी मांगे. उन्होंने कहा कि क्षत्रिय ब्राह्मणों का बहुत सम्मान करते है लेकिन अगर मनोज झा माफी नहीं मांगेंगे तो क्षत्रिय उनकी गर्दन उतार कर हाथ में रख देंगे.

आनंद मोहन ने भी लालू यादव को सुनाई खरी-खरी

गुरुवार को आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने मनोज झा का समर्थन करते हुए कहा था कि, उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है. उन्होंने किसी को ठेस नहीं पहुंचाई है,कुछ लोग जानबूझकर उनके खिलाफ बयान बाजी कर रहे हैं. इस पूरे मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन और उनके बेटे की नाराजगी पर आरजेडी प्रमुख ने कहा कि किसी को टारगेट करते मनोज झा ने कविता नहीं पढ़ी थी. लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मनोज झा ने राज्यसभा में बिल्कुल सही तरीके से अपनी बात रखी थी. अब इसके जवाब में हाल में जेल से हिरा हुए आनंद मोहन ने लालू यादव को चेतावनी देते हुए कहा है कि, “साथ में है, लेकिन भीखमंगा समझने की भूल नहीं करना”.

क्या है मामला

संसद के विशेष सत्र के दौरान राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पर बहस के में शामिल होते हुए आरजेडी सांसद मनोज झा ने ओम प्रकाश वाल्मिकी द्वारा रचित एक कविता का पाठ किया, और इसके छंदों में ये पंक्तियाँ थीं: “चूल्हा मिट्टी का, मिट्टी तालाब की, तालाब ठाकुर का…बैल ठाकुर का, हल ठाकुर का, हल की मूठ पर हथेली” अपनी, फसल ठाकुर का…”
जिसके बाद इस कविता पाठ ने बिहार में राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है. ‘ठाकुरों’ का जिक्र करने वाली कविता पर प्रदेश के कई क्षत्रिय नेताओं ने आपत्ति जताई खासकर आनंद मोहन और उनके बेटे ने.

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