Manmohan Singh Funeral: राजकीय सम्मान के साथ पंच तंत्र में विलीन हुए पूर्व प्रधानमंत्री, देश ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Manmohan Singh Funeral: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार, 28 दिसंबर को दिल्ली के निगमबोध घाट श्मशान घाट पर किया  गया.पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बड़ी बेटी ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी.
सुबह पहले अपने घर से मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर कांग्रेस दफ्तर पहुंचा जहां पार्टी की ओर से उन्हें अंतिम विदाई दी गई. इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनके शरीर को निगम बोध घाट पहुंच गया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री, कांग्रेस के बड़े नेता और कार्यकर्ता निगमबोध घाट पर मौजूद रहे..

सिख पुजारियों ने गुरबानी के श्लोक पढ़े

सिख पुजारियों और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के परिवार के सदस्यों ने अंतिम संस्कार से पहले गुरबानी के श्लोक पढ़े.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निगमबोध घाट पर राजकीय सम्मान दिया जाएगा

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निगमबोध घाट पर राजकीय सम्मान दिया जाएगा. कुछ ही देर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

Manmohan Singh Funeral: गृह मंत्री अमित शाह निगम बोध घाट पहुंचे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कैबिनेट के कई मंत्री पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निगम बोध घाट पहुंचे.

पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री के सम्मान में सिंगापुर का झंडा आधा झुका दिया गया

दिवंगत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रति गहरी श्रद्धा प्रदर्शित करने के लिए सिंगापुर का झंडा आधा झुका दिया गया. भारत में उच्चायुक्त साइमन वोंग ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.

92 वर्ष की आयु में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर की रात को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया. सिंह के परिवार में उनकी पत्नी गुरचरण सिंह और तीन बेटियाँ हैं. उन्होंने 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। मनमोहन सिंह ने 1991 में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की, जब उन्हें पीएम नरसिम्हा राव की कैबिनेट में वित्त मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने भारत में उदारीकरण की प्रक्रिया में सहायता के लिए कई आर्थिक सुधार पेश किए.
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मनरेगा जैसी योजनाएं शुरू करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का दायरा बढ़ाने और सूचना का अधिकार अधिनियम लागू करने का काम भी किया.
प्रधानमंत्री के रूप में अपने दो कार्यकालों में उन्होंने विभिन्न भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास सुधारों तथा बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार की शुरूआत पर भी काम किया.

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