Thursday, February 12, 2026

Bihar Poilitics : नीतीश सरकार से समर्थन वापसी के बाद मांझी पिता-पुत्र दिल्ली रवाना,BJP और दूसरे दलों के नेताओं से करेंगे मुलाकात

पटना   बिहार में नीतीश सरकार से इस्तीफा देने के बाद आज संतोष सुमन और उनके पिता जीतनराम मांझी (JitanRam Manjhi) ने आज ऐलान कर दिया कि बिहार में उनकी पार्टी महागंठबंधन से अपना समर्थन वापस (Bihar Poilitics) ले रही है. इस संबंध में आज जीतन राम मांझी (JitanRam Manjhi) ने राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर  से मुलाकात की और साफ कर दिया कि अब उनका महागठबंधन (Bihar Poilitics) से कोई लेना देना नहीं है.

ऐसे में ये सवाल उठ रहे है कि क्या जीतन राम मांझी (JitanRam Manjhi) अपने बेटे संतोष सुमन के साथ NDA में शामिल होने जा रहे हैं. इस सवाल का आज जीतनराम मांझी (JitanRam Manjhi) और संतोष सुमन दोनों ने जवाब दिया. राज्यपाल से मिलकर बाहर निकलते हुए मांझी (JitanRam Manjhi) ने साफ किया कि अभी तक उन्होंने ने ये फैसला नहीं किया है कि वो किसके साथ  जायेंगे. ये फैसला अगले तीन – चार दिन में होगा. इस दौरान वो दिल्ली में नेताओं से मुलाकात करेंगे.

बीजेपी के साथ कांग्रेस,BSP नेता से करेंगें मुलाकात

दरअसल हम (HAM) सेक्यूलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने आज संवाददाता संम्मेलन में कहा कि फिलहाल ये तय नहीं है कि कहां जायेगें, बीजेपी के साथ भी जा सकते हैं, या फिर तीसरा मोर्चा भी बना सकते हैं. दरअसल  बिहार में  23 जून को विपक्षी दलों की होने वाली  बैठक में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने आने के कोई संकेत नहीं दिये हैं. इससे उत्साहित HAM(S) पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि तीसरे मोर्चे का गठन किया जा सकता है. तीसरे मौर्चे में वो लोग शामिल हो सकते है जो ना तो NDA के साथ हैं, और ना ही संयुक्त विपक्ष के साथ होंगे.

23 जून की बैठक में बुलावे का इंतजार

पटना में HAM(S) के अध्यक्ष संतोष सुमन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि फिलहाल वो 23 जून को होने वाली बैठक में बुलावे का इतंजार कर रहे हैं. अगर बुलाया जाता है तो ठीक, नहीं तो वे बीजेपी या बीएसपी से भी बात करेंगे. दरअसल हम पार्टी अपने लिए फिलहाल सारे विकल्प खोल कर रख रही है ताकि जहां से अच्छा तालमेल होगा, उस ओर रुख करेंगे. जीतन राम मांझी ने  साफ किया है कि NDA के साथ भी तभी जायेंगे जब उनकी पार्टी को सही अवसर मिलेगा.

HAM(S)  के सारे विकल्प खुले हैं..

हम पार्टी फिलहाल अपने सभी विकल्पों को खोल कर रख रही है. सोमवार शाम को जीतनराम मांझी ने बताया कि वो अगले 3 से चार दिन दिल्ली मे रहेंगे. अलग अलग नेताओं से मुलाकात करेंगे . इसमें बीजेपी से अमित शाह, बीजेपी के कोई अन्य नेता , कांग्रेस से राहुल गांधी, बीएसपी प्रमुख मायावती शामिल हैं. इन नेताओं से मिलने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे.

HAM(S) पार्टी आसानी से बीजेपी में नहीं जायेगी

हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने पटना में प्रेस कांफ्रेंस में ये संकेत दे दिया कि बीजेपी ये समझने  की भूल ना करें कि महागठबंधन से निकलने का बाद हम आसानी से बीजेपी के साथ चले जायेंगे.ये समझना उनकी भूल होगी.

बिहार में 16 प्रतिशत दलित आबादी का नेता कौन ?

माना जाता है कि बिहार में करीब 16 प्रतिशत दलित आबादी है. जिसपर इस समाज से आने वाले नेता जीतन राम मांझी का प्रभाव है.यही वजह रही कि नीतीश मंत्रिमंडल में जीतनराम मांजी के बेटे संतोष मांझी को कैबिनेट मंत्री का पद मिला. अपनी इस खासियत और महत्व को समझते हुए जीतनराम मांझी  किसी के साथ समझौता करने से पहले अपना पक्ष और हित तय कर लेना चाहते हैं.

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अब देखना होगा कि आने वाले तीन चार दिन में जीतन राम मांझी बीजेपी कांग्रेस या बीएसपी, किसके  संग अपना तालमेल बनाते हैं. अभी तक माना जा रहा था कि माँझी बीजेपी का रुख करेंगे लेकिन मांझी ने साफ कर दिया है कि जहां उनको और उनकी पार्टी को सही तालमेल मिलेगा, वो उसी की ओर रुख करेंगे.

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