Sydney Terror Attack : अस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी में रविवार 14 दिसंबर को हुए आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. यहां जिस पाकिस्तानी मूल के साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद अकरम ने बॉंडी बीच पर हमला किया था और जिसमें 15 लोगों की जान गई, वे दोनो सिडनी जाने से पहले फिलीपींस गये थे. फिलीपींस में दोनो बाप बेटे ने भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था. इस तथ्य की पुष्टि फिलीपिंस के विदेश विभाग से हुई है.
जिस साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद अकरम ने सिडनी के बॉंडी बीच पर हमला किया था, वो दोनों सिडनी जाने से पहले फिलिपिंस गये थे. फिलपिंस में दोनो बाप बेटे ने भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था.#SydneyAttack pic.twitter.com/I6cXS9qe5w
— The Bharat Now (@thebharatnow) December 16, 2025
Sydney Terror Attack:फिलीपींस होते हुए पहुंचे थे सिडनी
आतंकी साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद अकरम सिडनी पहुंचने के लिए फिलीपींस का रास्ता अपनाया. पहले भारतीय पासपोर्ट पर फिलीपींस पहुंचे. यहां दोनो बाप-बेटे भारतीय पासपोर्ट पर 1 नवंबर से 28 नवंबर तक, यानी 28 दिन रहे . फिर यहां से दावो के रास्ते मनीला होते हुए सिडनी पहुंचे थे. ब्लूमबर्ग मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक फिलीपींस के इमीग्रेशन ऑफिस से इसकी पुष्टि की है. तथ्यों के आधार पर अब फिलीपींस पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है.
सिडनी पुलिस का दावा- हमलावरों का ISIS कनेक्शन
सिडनी पुलिस की जांच में जो अब तक तथ्य सामने आये हैं, उसके मुताबिक आतंकी नावीद अकरम के नाम पर रजिस्टर्ड कार में पुलिस को भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ के साथ-साथ ISIS के 2 झंडे भी मिले हैं. इसके आधार पर ये दावा किया जा रहा है कि इतने घातक हमले को अंजाम देने के पीछे ISIS आतंकी का ही हाथ हो सकता है.
न्यू साउथ वेल्स पुलिस के अधिकारी माल लैन्योल के मुताबिक – ये दोनों हमलावर पहले फिलीपींस गये थे, इस तथ्य की पुष्टि तो हो गई है लेकिन वहां वो किस कारण से गये थे, और कहा रुके थे, इसकी जांच चल रही है.
सिडनी आंतंकी हमले में गई थी 15लोगों की जान
आपको बता दें ईस महीने की 14 तारीख को सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय के हनुक्का फेस्टिवल के दौरान अंधाधुंध फायरिंग की थी. इस फेस्टिल के लिए हजार से ज्यादा लोग बीच पर जमा थे. इसी दौरान दो आतंकियों ने बीच के पास ही मौजूद एक पुल पर खड़े होकर अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी . इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रुप से घायल भी हो गये. अफरातफरी मच गई.
इस बीच एक स्थानीय नागरिक अहमद अल अहमद ने आतंकी साजिद की बंदूक छीन ली, और अपने जान की बाजी लगाकर उसे पकड़ लिया. इस दौरान साजिद (उम्र 50 साल) की मौत हो गई और अहमद भी बुरी तरह से घायल हो गए. हमले में दूसरे आतंकी नवीद (24 साल) को भी गंभीर चोटें आईं हैं.फिलहाल वो पुलिस की निगरानी में अस्पताल में भर्ती है.

