Lucknow Aashiyana Murder : राजधानी लखनऊ के आशियाना में सेक्टर-L में रहने वाले एक शराब कारोबारी और पैथोलॉजी चलाने वाले संचालक 49 साल के मानवेंद्र सिंह की उनके अपने बेटे 21 साल के अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर ह’त्या कर दी. आरोप है कि अक्षत प्रताप सिंह अपने पिता की हत्या करने के बाद उनके शव के हाथ पैर और धड़ अलग कर दिये और उसे शहर के दूसरे इलाके सदरौना में फेंक दिया. हाथ-पैर टुकड़े करके फेंकने के बाद उसने सिर सहित पिता का धड़ एक नीले ड्रम में छुपा दिया. पुलिस के आने के बाद छानबीन करने पर ड्रम में शव को बरामद कर लिया गया है, वहीं हाथ पैर के हिस्से भी अलग अलग जगह पर बरमाद कर लिये गये हैं. फिलहाल पुलिस ने अक्षत प्रताप को पिता की हत्या और साक्ष्य छिपने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है
#WATCH Lucknow, Uttar Pradesh: DCP Central Vikrant Vir says, “A missing person’s case was registered at the Ashiyana police station regarding Manvendra Pratap Singh, who left his home on the morning of the 20th. Police were investigating. Today, it was revealed that his son,… pic.twitter.com/ZWLvBeqjtP
— ANI (@ANI) February 23, 2026
छोटी बहन के बनाया बंधक
पुलिस की छानबीन में जो जानकारी सामने आई उसके मुताबिक अक्षत प्रताप ने अपने पिता की हत्या के मामले को छुपाने के लिए अपनी छोटी बहन को बंधक बना लिया. बताया जा रहा है कि अक्षत प्रताप ने अपने पिता को जब गोली मारी उस दौरान छोटी बहन भी घर पर ही थी. आवाज सुनते ही वो दौड़कर आई तो उसने अपने पिता को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा देखा.इससे पहले की वो किसी को कुछ बता पाती , अक्षत ने उसे एक कमरे मे बंद कर दिया.
अक्षत प्रताप की कारतूत से सकते में परिवार
अक्षत के परिजनों का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं हो रही है कि 21 साल का अक्षत इस तरह की वारदात कर सकता है.आसपास के लोगों का कहना है कि जब तक पुलिस नहीं आई तब तक छोटी लड़की उसी घर में मौजूद रही, जिसमें उसके पिता का शव रखा गया था.
नीट की पढ़ाई केलिए देते थे दवाब..पुलिस को इस थ्योरी पर शक
मामले की जांच कर रहे लखनऊ मध्य के डीसीपी विक्रांत वीर के मुताबिक 21 फरवरी को मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी. मानवेंद्र के भाई अरविंद सचिवालय सुरक्षा में काम करते थे. पुलिस ने मानवेंद्र की गुशुदगी को लेकर भाई अरविंद कुमार से बात की. बातचीत के दौरान पता चला कि पिता अपने बेटे पर नीट की परीक्षा की तैयारी के लिए जोर दे रहे थे लेकिन परिवार के ही लोगों का कहना है कि केवल ये हत्या की वजह नहीं हो सकती है. हत्या की वजह कुछ और है जो अभी सामने नहीं आया है.
कब हुई ह’त्या की ये वारदात
बताया जा रहा है कि 20 फरवरी की रात को पिता-पुत्र में किसी बात को लेकर विवाद हो गया. गुस्से में आये अक्षत ने पिता के ही लाइसेंसी राइफल से उन्हें गोली मार दी. मानवेंद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना के समय अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी. जैसे ही बहन कृति ने उआवाज सुनी,वो दौड़कर आई तो उसने अपने पिता को बेजान जमीन पर पड़ा देखा.
हाथ-पैर तोड़कर फेंका
ह’त्या की ये वारदात मकान के तीसरे माले पर हुई. ह’त्या के बाद अक्षत अपने पिता की बॉडी को तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर तक लेकर आया. फिर उसे लाश को ठिकाने लगाने का प्रयास किया. उसने लाश को गोमती नदी में फेंकने की प्लानिंग की लेकिन वजन अधिक होने के कारण वो लाश को अकेले उठा नहीं पाया. फिर उसने बाजार से आरी खरीदी और आरी से पिता के हाथ पैर काटे. हाथ पैर को अलग-अलग जगह पर फेंक दिया वहीं सिर सहित पूरे शरीर को ड्रम के अंदर डाल कर वहीं नीचे के एक खाली कमरे में रख दिया. इससे पहले कि अक्षत धड़ को ठिकाने लगाता उसकी करतूत उजागर हो गई.
पिता की मौत से दहशत में छोटी बहन
अपने पिता की मौत को अपने आंखों से केवल अक्षत की छोटी बहन कृति ने देखा था लेकिन अक्षत ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया. उसे 4 दिन तक इसी घर में बंद करके रखा , जिसमें पिता की लाश को भी रखा था. घटना से घबराई कृति इतनी डरी हुई है कि वो कुछ बोल भी नहीं पा रही है.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अक्षत प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियां कर रहा था लेकिन पिता चाहते थे कि वो नीट की तैयारी करे. जब पिता के बार-बार बोलने और अक्षत के मना करने के दौरान दौनो के बीत बहस तेज हो गई और बेटे ने गुस्से में पिता की लाइसेंसी बंदूक उठी ली. अक्षत का कहना है कि राइफल छीना झपटी ने दौरान गोली चल गई हालांकि, पिता के शव के टुकड़े करने के सवाल पर उसने चुप्पी साध ली.

