Oil delivery from Russia to India: ईरान–अमेरिका इजराइल युद्ध के कारण मिडिल इस्ट में बदले हालात के बीच रूस से कच्चे तेल की नई खेप भारत के लिए रवाना हो गई है. रूसी तेल से भरे कई बड़े टैंकर भारतीय समुद्री मार्ग की तरफ बढ़ने शुरु हो गये और आने वाले दिनों में यह खेप भारत के प्रमुख बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है. रुस के ये तेल टैकर्स पिछले कई दिनों से समुद्र में भटक रहे थे.
समुद्र में रुसी जहाजों ने बदला अपना डेस्टिनेशन
जहाजों की ट्रैकिंग से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, रुस के दो कार्गो जहाजों ने पूर्वी एशिया के डेस्टिनेशन को बदकर भारत का रुख कर लिया है. रुसी जहाजों के भारत की तरफ रुख करने से संकेत मिल रहे है कि भारत मिडिल इस्ट देशों में बढ़े संघर्ष के बीच एक बार फिर से रूस से कच्चे तेल के आयात में आगे बढ़ रहा है.
पारादीप और वडीनार पोर्ट पर होगी डिलिवरी
खबर है कि रुस के दोनों जहाज भारत के दो प्रमुख बंदरगाह -ओडिशा के पारादीप पोर्ट ( Paradip Port) और गुजरात के वडीनार पोर्ट( Vadinar Port) पर रुकेंगे. इन दोनो बंदरगाहों पर तेल की डिलिवरी होगी और यहां से इसे देश के अलग अलग रिफाइनरियों तक पहुंचाया जाएगा. रिफायनरियों में प्रोसेसिंग के बाद पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों में बदले जायेंगे. इससे देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुचारू रुप से बनी रहेगी.
ऑयल रिजर्व बढ़ने से टलेगी उर्जा संकट
आपको बता दें कि भारत पिछले कुछ वर्षों में रूसी कच्चे तेल के एक बड़े खरीदार के रुप में उभरा है. पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद रूस ने एशियाई देशों को रियायती दरों पर तेल उपलब्ध कराना शुरू किया, जिसका फायदा भारत ने उठाया. इससे भारत को ऊर्जा जरूरतों को कम लागत पर पूरा करने में मदद मिली है.
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि रूस से आने वाली यह नई खेप भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बीच रूस से निरंतर आपूर्ति भारत के लिए एक स्थिर विकल्प बनी हुई है.

