Friday, June 26, 2026
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बिहार में सिर्फ ₹1 में मिलेगी 40 एकड़ जमीन! बस पूरी करनी होगी ये शर्तें

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Bihar Sugarcane Industry Policy 2026
Bihar Sugarcane Industry Policy 2026

Bihar Sugarcane Industry Policy 2026 : बिहार सरकार ने राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने और गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने ‘गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति 2026’ लागू करने की घोषणा की है. इस नई नीति के तहत निवेशकों को सिर्फ 1 रुपये की टोकन लीज पर 30 वर्षों के लिए 40 एकड़ तक सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. हालांकि इसका लाभ केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जो सरकार द्वारा तय की गई निवेश और उद्योग स्थापना की शर्तों को पूरा करेंगे.

सरकार का मानना है कि इस नीति से बिहार में चीनी उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गन्ना किसानों की आय में भी सुधार होगा.

Bihar Sugarcane Industry Policy 2026: 1 रुपये में कैसे मिलेगी जमीन?

नई नीति के अनुसार, राज्य सरकार नए गन्ना आधारित उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को 30 साल की लीज पर 40 एकड़ तक सरकारी जमीन मात्र 1 रुपये के टोकन शुल्क पर उपलब्ध कराएगी। यह जमीन केवल उद्योग लगाने के उद्देश्य से दी जाएगी और इसके लिए सरकार की निर्धारित पात्रता एवं निवेश संबंधी सभी शर्तों का पालन करना होगा।

इन उद्योगों को मिलेगा फायदा

सरकार केवल पारंपरिक चीनी मिलों तक सीमित नहीं रहना चाहती। नई नीति के तहत ऐसे मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे, जहां एक ही परिसर में कई उत्पाद तैयार होंगे। इनमें शामिल हैं—

  • चीनी उत्पादन
  • इथेनॉल निर्माण
  • बायोगैस प्लांट
  • बिजली उत्पादन (को-जनरेशन)
  • अन्य गन्ना आधारित उद्योग

इस मॉडल से उद्योगों की आय बढ़ेगी और किसानों को गन्ने की बेहतर मांग मिलेगी।

5 साल तक मिलेगा SGST का पूरा रिफंड

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने टैक्स में भी बड़ी राहत देने का फैसला किया है। नई नीति के तहत पात्र उद्योगों को 5 वर्षों तक राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (रिफंड) दी जाएगी। इससे उद्योग लगाने की शुरुआती लागत काफी कम हो जाएगी।

100 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता

सरकार नई इकाइयों को आर्थिक सहायता भी देगी। नीति के अनुसार पात्र निवेशकों को 100 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। इसका उद्देश्य बड़े निवेश को प्रोत्साहित करना और राज्य में आधुनिक औद्योगिक ढांचा विकसित करना है।

25 नई चीनी मिलें लगाने का लक्ष्य

बिहार सरकार ने इस नीति के माध्यम से राज्य में 25 नई चीनी मिलें और आधुनिक शुगर कॉम्प्लेक्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। लंबे समय से बंद पड़ी कई चीनी मिलों को भी निजी निवेश के जरिए पुनर्जीवित करने की योजना बनाई गई है।

सरकार का कहना है कि इससे गन्ना किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा, उद्योगों में निवेश बढ़ेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

किसानों और राज्य की अर्थव्यवस्था को होगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नीति प्रभावी ढंग से लागू होती है तो बिहार का गन्ना उद्योग एक बार फिर देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों की श्रेणी में लौट सकता है। इथेनॉल और बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा मिलने से हरित ऊर्जा को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

यह योजना आम लोगों को आवास के लिए जमीन देने की योजना नहीं है। इसका लाभ केवल उन निवेशकों और कंपनियों को मिलेगा जो बिहार में गन्ना आधारित उद्योग, चीनी मिल या मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के लिए सरकार की निर्धारित शर्तों और निवेश मानकों को पूरा करेंगे।