Ladakh statehood demand: राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के विस्तार पर केंद्र के साथ प्रस्तावित वार्ता को आगे बढ़ाने की माँग को लेकर बुधवार को लेह में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. जिसमें 4 लोगों की मौत की खबर है.
VIDEO | Leh, Ladakh: Police fired teargas shells and resorted to baton charge after a group of youths allegedly turned violent and pelted stones amid a massive protest and shutdown.
The protest was held in support of the demand to advance the proposed talks with the Centre on… pic.twitter.com/ebFGf8AeBO
— Press Trust of India (@PTI_News) September 24, 2025
लेह में 4 लोगों की मौत, 50 से ज़्यादा घायल
बुधवार को राज्य की मांग को लेकर हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 50 से ज़्यादा घायल हो गए. जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग के कथित तौर पर हिंसक हो जाने और पथराव करने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियाँ चलाईं. एएनआई के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने लेह स्थित भाजपा कार्यालय में भी आग लगा दी.
Ladakh statehood demand: लेह में युवाओं का प्रदर्शन हुआ हिंसक
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एलएबी की युवा शाखा ने 10 सितंबर से 35 दिनों की भूख हड़ताल का आह्वान किया था. हड़ताल के दौरान, 15 में से दो लोग अस्पताल में भर्ती हुए, जिसके कारण कथित तौर पर युवा शाखा ने विरोध और बंद का आह्वान किया.
लद्दाख में ताज़ा विरोध प्रदर्शन लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) द्वारा राज्य का दर्जा और लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की माँग पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रखने की कसम खाने के कुछ दिनों बाद हुए हैं.
सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर शांति की अपील की
लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू होने के तुरंत बाद लेह में भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की.
विरोध प्रदर्शन शुरू होने के तुरंत बाद वांगचुक ने शांति की अपील की और लोगों से हिंसा रोकने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि इससे मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंचता है.
लिखित अनुमति के बिना रैली या मार्च की अनुमति नहीं- लेह डीएम
लेह के जिला मजिस्ट्रेट रोमिल सिंह डोंक ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना कोई भी जुलूस, रैली या मार्च नहीं निकाला जाएगा. पीटीआई के अनुसार, डोंक ने कहा, “सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति वाहन पर लगे या अन्य लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं करेगा. कोई भी ऐसा बयान नहीं देगा जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना हो और जिससे जिले में कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो.”
लेह में आगजनी और झड़पों के बाद धारा 163 लागू
पीटीआई ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से बताया कि प्रशासन ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है ताकि पाँच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया जा सके.
लेह में बीजेपी कार्यालय में आग लगा दी गई
इस बीच प्रदर्शनकारियों ने लेह स्थित भाजपा कार्यालय में भी आग लगा दी. समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा किए गए दृश्यों में पार्टी कार्यालय की इमारत से धुआँ निकलता हुआ दिखाई दे रहा है क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने परिसर को घेर लिया है.
#WATCH | Leh, Ladakh: BJP Office in Leh set on fire during a massive protest by the people of Ladakh demanding statehoothe d and the inclusion of Ladakh under the Sixth Schedule turned into clashes with Police. https://t.co/yQTyrMUK7q pic.twitter.com/x4VqkV8tdd
— ANI (@ANI) September 24, 2025
LAB की युवा शाखा ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था
पीटीआई के अनुसार, लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) की युवा शाखा ने विरोध प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया था. 10 सितंबर से 35 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे 15 लोगों में से दो की मंगलवार शाम हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया.
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में यह भूख हड़ताल भी क्षेत्र में चल रहे आंदोलन का हिस्सा थी.

