Tuesday, January 27, 2026

Vande Mataram debate: ‘बहस वंदे मातरम पर है या नेहरू पर?’: राज्यसभा में हंगामे के बीच खड़गे ने जेपी नड्डा पर किया पलटवार

Vande Mataram debate:गुरुवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा पर पलटवार करते हुए पूछा कि सदन में बहस वंदे मातरम के बारे में थी या पूर्व PM जवाहरलाल नेहरू के बारे में.

‘बहस वंदे मातरम पर है या नेहरू पर?’- मल्लिकार्जुन खड़गे

कांग्रेस चीफ और सदन में LoP मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन के नेता और BJP चीफ जेपी नड्डा के भाषण के दौरान टोकते हुए कहा, “मैं जानना चाहता हूं कि यह बहस वंदे मातरम पर है या पंडित जवाहरलाल नेहरू पर. यहां जो कुछ भी कहा जा रहा है, उसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और वह सच नहीं है.”

Vande Mataram debate:“हमेशा भारत की संस्कृति के साथ समझौता किया है”-नड्डा

खड़गे के सवाल के बाद दोनों नेताओं के जमकर बहस हुई. नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने “हमेशा भारत की संस्कृति के साथ समझौता किया है”.
जेपी नड्डा ने कहा, “मैं सिर्फ वंदे मातरम पर बात कर रहा हूं. अगर जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी बातें उन्हें अच्छी नहीं लगतीं, तो मैं क्या कर सकता हूं? दिक्कत यह है कि शुरू से ही आप लोगों ने हमेशा भारत की संस्कृति, परंपराओं और इसके मूल्यों के साथ समझौता किया है… दुर्गा, सरस्वती, भारत माता और शक्ति इस देश के सभी लोगों के लिए हैं, और सभी को उनमें आस्था है.”
इस बात पर राज्यसभा में हंगामा हो गया और चेयरपर्सन वाइस प्रेसिडेंट सीपी राधाकृष्णन को हालात शांत करने के लिए बीच में बोलना पड़ा.

‘सरकार जवाहरलाल नेहरू की इमेज खराब नहीं करना चाहते’-नड्डा

राज्यसभा में वंदे मातरम पर बहस खत्म करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की इमेज खराब नहीं करना चाहती और उसका मकसद सिर्फ ऐतिहासिक रिकॉर्ड को सही करना है.
उन्होंने कहा, “वंदे मातरम को वह सम्मान नहीं मिला जिसका वह हकदार था… उस समय सत्ता में बैठे लोग (सरकार) उस स्थिति के लिए ज़िम्मेदार थे.”
नड्डा, जो सदन के नेता भी हैं, ने कहा कि कांग्रेस हमेशा मौकापरस्त रही है और जब स्थिति पार्टी के अनुकूल होती है तो क्रेडिट लेने के लिए नेहरूवादी युग का हवाला देती है.
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि जब स्थिति खराब होती है तो कांग्रेस ज़िम्मेदारी नहीं लेती और दूसरों पर दोष मढ़ने की कोशिश करती है.
नड्डा ने यह भी बताया कि प्रिवेंशन ऑफ़ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का अपमान करने या उसे न गाने पर सज़ा का कोई प्रावधान नहीं है.

ये भी पढ़ें-चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु समेत 6 राज्यों में SIR की तारीखों में किया बदलाव

Latest news

Related news