केसी त्यागी ने छोड़ा नीतीश कुमार का साथ, JDU से दिया इस्तीफा

KC Tyagi Quits JDU: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी (KC Tyagi) ने आखिरकार पार्टी को अलविदा कह दिया है. पिछले काफी समय से अपनी ही पार्टी और सरकार के स्टैंड से अलग बयानबाजी को लेकर चर्चा में रहे त्यागी ने जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.

उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि वे अब दोबारा पार्टी की सदस्यता नहीं लेंगे. उनके इस फैसले से बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

KC Tyagi Quits JDU : इस्तीफे के साथ बताया भविष्य का रोडमैप

केसी त्यागी ने अपने इस्तीफे में केवल पद छोड़ने की बात नहीं की, बल्कि अपने समर्थकों को आगे का संकेत भी दिया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है :

“JD(U) पार्टी का सदस्यता अभियान समाप्त हो गया है। इस बार, मैंने पार्टी में अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है। हालांकि, समाज के वंचित वर्गों सहित, दबे-कुचले लोगों, किसानों और कृषकों के हितों से जुड़े व्यापक और विस्तृत वैचारिक मुद्दों के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पहले की तरह ही दृढ़ बनी हुई है…” 

‘आगामी 22 मार्च को मैंने अपने समर्थकों और राजनीतिक साथियों की एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालातों पर चर्चा की जाएगी और वहीं से मैं अपनी भविष्य की रणनीति का औपचारिक एलान करूँगा’

नीतीश कुमार के प्रति जताया सम्मान

त्यागी ने अपने पत्र में भावुक होते हुए पार्टी के साथ अपने पुराने सफर को याद किया. उन्होंने बताया कि वे 2003 में जदयू के गठन के समय से ही जॉर्ज फर्नांडिस, शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने साफ किया कि भले ही वे पार्टी छोड़ रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति उनका सम्मान हमेशा बना रहेगा.

क्यों बढ़ी दूरियां? इस्तीफे की 3 बड़ी वजहें

केसी त्यागी और जदयू के बीच पिछले कुछ महीनों से कड़वाहट साफ देखी जा रही थी. इसके पीछे मुख्य कारण ये माने जा रहे हैं:

  1. विदेश नीति और आईपीएल पर विवाद: त्यागी ने आईपीएल से बांग्लादेशी खिलाड़ियों को हटाने के फैसले का विरोध किया था। साथ ही, फिलिस्तीन के मुद्दे पर उन्होंने भारत सरकार के आधिकारिक स्टैंड से अलग राय रखी थी, जिससे पार्टी असहज हो गई थी.

  2. पार्टी में घटता कद: काफी समय से जदयू नेतृत्व ने त्यागी से दूरी बना ली थी. महत्वपूर्ण फैसलों और बैठकों में उन्हें तवज्जो मिलना कम हो गई थी.

  3. यूपी की राजनीति में दिलचस्पी: मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले केसी त्यागी का पश्चिमी यूपी में अच्छा प्रभाव है. चर्चा है कि वे अब अपना पूरा ध्यान यूपी की राजनीति पर केंद्रित करना चाहते हैं.

    क्या त्यागी अब करेंगे यूपी की राजनीति ?

    राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि केसी त्यागी उत्तर प्रदेश में किसी नए गठबंधन या क्षेत्रीय शक्ति के साथ हाथ मिला सकते हैं. 22 मार्च की बैठक के बाद यह साफ हो जाएगा कि वे किसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी में शामिल होंगे या अपनी नई जमीन तैयार करेंगे.

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