Sunday, July 5, 2026
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Karnataka Election2023: प्रचार के दौरान नेताओं के बिगड़े बोल, बीजेपी नेता ने सोनिया गांधी को कहा विषकन्या

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Karnataka Election 2023
Karnataka Election 2023

बैंगलोर :  कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Election 2023) में मतदान के लिए अब बस 10-12 दिन बचे हैं. 10 मई को मतदान होना है. जैसे जैसे चुनाव की तारीख पास आ रही है, वैसे वैसे वातावरण में तल्खी बढ़ती जा रही है. हालात ये है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी के लिए विषैला सांप जैसे शब्द का इस्तेमाल किया , (हालांकि बयान को वापस भी ले लिया और सफाई भी दी) तो बीजेपी नेता सोनीिया गांधी के लिए विषकन्या जैसे शब्द का प्रयोग कर दिया है. नेताओं के इन बयानों ने  कर्नाटक में  चुनाव के माहौल को गर्मा दिया है.

अब कांग्रेस अध्यक्ष के वक्तव्य के बाद यतनाल के बीजेपी नेता बी आर पाटिल ने  कांग्रेस पार्टी की पूर्व अधयक्ष सोनिया गांधी के लिए “विषकन्या” शब्द का इस्तेमाल कर दिया है.

बीजेपी नेता के इस बयान पर बवाल मच गया है और कांग्रेस के नेता बीजेपी नेतृत्व से इस बीजेपी नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.बीजेपी नेता डीके शिवकुमार ने बी आर पाटिल के बयान को पूरी नारी जाति का अपमान बताते हुए पीएम मोदी से मांफी और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष से विधायक बासनगौड़ा यतनाल को पार्टी से निकालने की मांग की है .

चरम पर कर्नाटक में चुनाव प्रचार

दरअसल इन दिनों  विधान सभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार चरम पर है और बीजेपी और कांग्रेस दोनों अपनी अपनी दावेदारी के साथ मैदान में खेल रहे हैं. बीजेपी की तरफ से शीर्ष नेतृत्व ,पीएम मोदी से लेकर राज्यों के मुख्यमंत्री तक मैदान में उतरे हुए हैं, वहीं कांग्रेस भी पूरे दम खम के साथ मैदान में है.  बीजेपी के सामने अपनी सत्ता को बनाये रखने की चुनौति है तो कांग्रेस किसी भी तरह से एक बार फिर से सत्ता में काबिज होने के लिए ताकत लगा रही है.

गृहमंत्री अमित शाह के बयान से मचा बवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से पहले ही बीजेपी के लिए प्रचार करते हुए देश के गृहमंत्री अमित शाह ने  कर्नाटक की जनता के सामने कांग्रेस को दंगा कराने वाली पार्टी करार दिया. जिसके विरोध में कांग्रेस ने FIR तक करवा दिया है. चुनाव आयोग तक मामला पहुंच गया है. अब ये मामला कानून और चुनाव आयोग के हाथ में है. लेकिन सवाल यही है कि चुनाव में जीत के लिए राजनीतिक पार्टियों किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार  है.भाषा और व्यक्ति की गरिमा को तार तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

आगे आगे देखना होगा कि अब चुनाव प्रचार कि हद तक जाता है, मतदान में केवल 12 दिन का समय शेष है.