Journalist Under Attack : ‘बिहार में असुरक्षित पत्रकार’, एक ही दिन में दो बड़ी घटनाएं

Journalist Under Attack: बिहार के समस्तीपुर में बदमाशों का मनोबल इस कदर बढ़ चुका है कि पुलिस हो या पत्रकार वो सबको अपना निशाना बना रहे हैं. ताजा मामला विद्यापति नगर थाना क्षेत्र से आया है. जहां इस बार शराब माफिया ने पत्रकार को अपना निशाना बनाया है. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के साहिट पंचायत अंतर्गत कष्टहारा के रहने वाले पत्रकार संजीव कुमार झा और उनके परिवार पर शराब कारोबारियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया. जिसमे संजीव कुमार झा के अलावा उनकी पत्नी सोनी झा और मां गंभीर रूप से जख्मी हो गई. आनन फानन में सभी जख्मीयोन का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कराया गया है.

घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक पीड़ित संजीव कुमार झा एक हिन्दी दैनिक के पत्रकार हैं और वे समय-समय पर शराब कारोबारी के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं. इसी बात से आहत होकर उनके पूरे परिवार के ऊपर जानलेवा हमला किया गया.

इस मामले में संजीव कुमार झा ने बताया कि उनके घर के पास शराब का कारोबार लंबे समय से किया जा रहा था, इसको लेकर उन्होंने पुलिस को शिकायत की थी. आज जैसे ही पुलिस आने की सूचना शराब कारोबारी को मिली, कारोबारी भागने लगे. इस दौरान उन्होंने एक कारोबारी को पकड़ लिया, जिसके बाद आक्रोशित शराब कारोबारियों ने उनके पूरे परिवार पर हमला कर दिया. इस हमला में कारोबारियों द्वारा चलाए गए ईंट-पत्थर से उनका सर में गहरी चोट आई , जबकि उनकी पत्नी और मां भी गंभीर रूप से जख्मी हो गई है.

पूरी घटना उनके घर और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है. घटना के संबंध पीड़ित द्वारा पुलिस को सूचना दी गई है, पुलिस मामले की छानबीन में जुटकर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए तफ्तीश शुरू कर दी है. हालांकि की इस मामले पर वरीय पुलिस पदाधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं.

वैसे आपको बता दें बिहार में पत्रकारों पर हमले की ये दूसरी वारदात है. इससे पहले अररिया के पत्रकार को कुछ बदमाशों ने घर में घुसकर जान से मर डाला. इस पर बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद का बड़ा बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने मृत पत्रकार की मौत पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होने कहा लोकतंत्र के आवाज को मुखरता से रखने वाले पत्रकारों को अपराधी निशाना बना रहे हैं. ऐसे में समझा जा सकता है बिहार में कानून व्यवस्था का हालात क्या है, उन्होंने अररिया के पत्रकार विमल कुमार की हत्या पर शोक जताते हुए कहा कि वह इसकी कड़ी शब्दों में निंदा करते है और इस मामले में दोषियों को खिलाफ कठोर सजा की मांग कर रहे हैं.

अब सवाल ये कि सूबे में अपराध को प्रशासन के सामने लाने की ज़िम्मदेरी उठाने वाले पत्रकारों को क्या राज्य की पुलिस इन्साफ और सुरक्षा दे पाएगी.

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