Sunday, February 15, 2026

JDU infighting: सीएम नीतीश के मंत्रियों में जंग, रत्नेश सदा ने समर्थक को कहा अशोक चौधरी का पुतला जलाओ

अभिषेक झा, ब्यूरो चीफ, पटना: जनता दल यूनाइटेड में सब कुछ ठीक नहीं है. सीएम नीतीश कुमार के एक मंत्री दूसरे मंत्री का पुतला जलाने के लिए समर्थकों को दे रहे है निर्देश. कह रहे है दूसरे मंत्री के खिलाफ लिखो. नीतीश के पार्टी के एक मंत्री का ऑडियो वायरल हुआ है. इसमें वे अपने समर्थकों से कह रहे हैं कि सरकार में शामिल एक दूसरे मंत्री अशोक चौधरी का पुतला जलाओ, उसके खिलाफ में लिखो. हलांकि ऑडियो क्लिप की द भारत नाउ पुष्टि नहीं करता है लेकिन ऑडियो में जो सुनाई दे रहा है उससे ये साफ होता है कि जेडीयू में नीतीश कुमार के करीबी बनने और दिखने की होड़ मची है.

मंत्री रत्नेश सदा के समर्थक क्यों है नाराज़

दरअसल मामला पटना में हुई जेडीयू की भीम संसद से जुड़ा है. 26 नवंबर को पटना में जेडीयू की ओर से दलितों का सम्मेलन आयोजित किया गया था. जिसे भीम संसद का नाम दिया गया था. इसका सारा श्रेय सीएम नीतीश कुमार ने अपने करीबी मंत्री अशोक चौधरी को देते हुए उनकी खूब तारीफ की थी. इतना ही नहीं इस कार्यक्रम में नीतीश कुमार मंत्री रत्नेश सदा से नाराज़ भी हो गए थे. सीएम ने मंत्री रत्नेश सदा से कहा, “तुमको हम मंत्री बनाए,तुमको अभी कुछ पते नहीं है.” इसके साथ रत्नेश सदा को भाषण के दौरान हाथ पकड़ के बिठा भी दिया था. जिससे अब उनके समर्थक काफी नाराज़ है.

मांझी ने किया था सदा के समर्थन में ट्वीट

आपको बता दें मंत्री रत्नेश सदा मुसहर जाति से आते है जिससे जीतन राम मांझी भी हैं. इसलिए जब मांझी ने एनडीए का दामन थामा तो जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी की जगह रत्नेश सदा को मंत्री बनाया गया था. 26 नवंबर को सदा को पड़ी डांट के बाद हम सुप्रीमों जीतन राम मांझी ने उनके समर्थन में ट्वीट भी किया था. मांझी ने सदा को डांटते नीतीश का वीडियो ट्वीट कर लिखा था, “नीतीश जी वैसे तो दलितों को तुम तड़ाक और गंदी भाषा से ही संबोधित करते रहें हैं पर कम से कम मंत्री पद की गरिमा का तो ख्याल रखते. मुझे गाली दी तो रत्नेश जी CM के पक्ष में खड़े हो गए देखिए पक्ष लेने का नतीजा. “गालीबाज” नीतीश कुमार जी आपके हर गाली और बेइज्जती का करारा जवाब मिलेगा”

कौन हैं रत्नेश सदा ?

रत्नेश सदा बिहार के सहरसा जिले के सनबरसा विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू से विधायक हैं. रत्नेश सदा के यहां तक पहुंचने का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है. महादलित समुदाय से आने वाले रत्नेश सदा कभी रिक्शा चलाते थे. 1987 से राजनीतिक गतिविधियों में लगे. 2010 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा और सहरसा के सोनबरसा सुरक्षित सीट से जदयू के टिकट पर विधायक चुने गये.

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