Thursday, March 5, 2026

Canada-India relations: न्यूयॉर्क में बोले जयशंकर, कनाडा विशेष जानकारी देगा तो भारत कार्रवाई करेगा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 78वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में कहा कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के सदस्य देशों को आतंकवाद, उग्रवाद और हिंसा पर प्रतिक्रिया निर्धारित करने के लिए “राजनीतिक सुविधा” की अनुमति नहीं देनी चाहिए. आपको बता दें, इस सप्ताह की शुरुआत में 78वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक हुई थी.
यहां विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान और आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप चेरी-पिकिंग (चेरी चुनने का अभ्यास) नहीं हो सकता है और उन्होंने कहा कि वे दिन खत्म हो गए हैं जब कुछ देश एजेंडा तय करते थे और दूसरों से उनके अनुरूप होने की उम्मीद करते थे.
माना जा रहा है कि विदेश मंत्री अपनी टिप्पणी में कनाडा की ओर इशारा कर रहे थे. अभी हाल में कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को अपने देश की धरती पर एक खालिस्तानी चरमपंथी नेता की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” संलिप्तता का आरोप लगाया था, इस आरोप को नई दिल्ली ने “बेतुका” और “प्रेरित” बता खारिज कर दिया था.

‘कनाडा विशेष जानकारी देगा तो भारत कार्रवाई करेगा’

यूएन के कार्यकर्म के बाद , न्यूयॉर्क में “विदेश संबंधों पर परिषद में चर्चा” में बोलते हुए, जयशंकर ने कहा कि अगर कनाडाई पक्ष निज्जर की हत्या के बारे में विशेष जानकारी प्रदान करता है तो भारतीय पक्ष कार्रवाई करेगा.
उन्होंने कहा, “हमने कनाडाई लोगों से कहा कि यह भारत सरकार की नीति नहीं है. दूसरे, हमने कहा कि यदि आपके पास कुछ विशिष्ट है और यदि आपके पास कुछ प्रासंगिक है, तो हमें बताएं. हम इस पर विचार करने के लिए तैयार हैं….”


‘फाइव आइज़ अलायंस का हिस्सा नहीं’

निज्जर की हत्या पर 5 आईज ब्लॉक के भीतर कथित खुफिया जानकारी साझा करने पर हुए एक सवाल के जबाव में जयशंकर ने कहा, वह फाइव आईज देशों के खुफिया समूह का हिस्सा नहीं हैं.

आपको बता दें, फाइव आइज़ एक ख़ुफ़िया गठबंधन है जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूज़ीलैंड, अमेरिका और यूके शामिल हैं.

‘मणिपुर में स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी’

वहीं मणिपुर में जारी हिंसा पर जवाब देते हुए एस. जयशंकर ने कहा, “अगर आप मुझसे पूछें कि आज मणिपुर में क्या हो रहा है…मणिपुर में समस्या का एक हिस्सा यहां आए प्रवासियों का अस्थिर करने वाला प्रभाव है, यह इसका एक पहलू है. इससे पहले के लंबे इतिहास वाले तनाव भी हैं, ”

‘गलवान झड़प के बाद से भारत-चीन संबंध असामान्य’

वहीं भारत चीन संबंधों पर जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और चीन के बीच संबंध 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से “असामान्य स्थिति” में हैं.
उन्होंने कहा, अगर दुनिया के दो सबसे बड़े देशों के बीच इस हद तक तनाव है, तो “इसके परिणाम बाकी सभी पर होंगे.”
जयशंकर ने कहा, “आप जानते हैं, चीन के साथ रिश्तों को लेकर एक मसला ये है कि वे आपको कभी नहीं बताते कि वे ऐसा क्यों करते हैं. इसलिए आप अकसर इसका पता लगाने की कोशिश करते हैं. और यह हमेशा होता है, वहां एक निश्चित अस्पष्टता होती है.”
विदेश मंत्री ने कहा, “ऐसे देश के साथ सामान्य होने की कोशिश करना बहुत कठिन है जिसने समझौते तोड़े हैं. वह भी बिना किसी वजह के किया है. इसलिए यदि आप पिछले तीन वर्षों को देखें, तो यह एक बहुत ही असामान्य स्थिति है.”

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