Thursday, February 12, 2026

Israel Hamas War: गाज़ा में अल-अहली अल-अरबी अस्पताल पर हमले के बाद गुस्से में है अरब देश, बाइडेन के साथ शिखर सम्मेलन रद्द

संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीनी राजदूत रियाद मंसूर ने बुधवार को इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गाजा शहर के एक अस्पताल में हुए घातक विस्फोट के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया, जिसमें 500 लोग मारे गए थे. हमास और इजराइल के बीच मंगलवार को आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, हमास ने कहा कि यह विस्फोट इजराइली हवाई हमले का नतीजा था. जबकि इज़राइल की सेना ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि फिलिस्तीनी आतंकवादियों के एक असफल मिसाइल हमले के चलते अस्पताल में विस्फोट हुआ.

आपको बता दें मंगलवार देर रात गाजा में अल-अहली अस्पताल पर कथित इजरायली हवाई हमले में 500 से अधिक लोग मारे गए हैं.

अस्पताल पर विस्फोट के लिए इस्लामिक जिहादी जिम्मेदार- नेतन्याहू

नेतन्याहू ने दावे का समर्थन किया और हमले के लिए इस्लामिक जिहाद आतंकवादियों को दोषी ठहराया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “हमारे हाथ लगे कई स्रोतों से मिली खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि गाजा में अस्पताल पर हमला करने वाले असफल रॉकेट प्रक्षेपण के लिए इस्लामिक जिहादी जिम्मेदार हैं”.

रियाद मंसूर ने नेतन्याहू के दावों का जोरदार खंडन किया

वहीं फिलिस्तीनी राजदूत मंसूर नेतन्याहू के दावे को झूठ बताया उन्होंने कहा कि, “वह झूठा है, उसके डिजिटल प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि इज़राइल ने यह सोचकर हमला किया कि इस अस्पताल के आसपास हमास का आधार था, और फिर उसने वह ट्वीट हटा दिया. हमारे पास उस ट्वीट की एक प्रति है… अब उन्होंने फ़िलिस्तीनियों पर दोष मढ़ने की कोशिश करने के लिए कहानी बदल दी.”
फ़िलिस्तीनी राजदूत ने आगे कहा, “इजरायली सेना के प्रवक्ता ने एक बयान दिया जिसमें उन्होंने कहा कि अस्पतालों को खाली कर दें… उनका इरादा खाली करना है या अस्पतालों पर हमला किया जाएगा और वे उस अपराध के लिए जिम्मेदार हैं और वे इससे निपटने के लिए कहानियां नहीं बना सकते.”

इज़रायली सरकार ने फ़िलिस्तीनी राजदूत के इन आरोपों का अभी तक जवाब नहीं दिया है.

अस्पताल को उड़ाने की घटना की व्यापक अंतरराष्ट्रीय निंदा हो रही है

यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा, “इस अपराध की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से स्थापित की जानी चाहिए और अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.”

मध्य पूर्व के दौरे पर निकले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हमले की निंदा की. उन्होंने इसे “क्रोधित और अत्यंत दुखी” करने वाला बताया.

जर्मन विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वह गाजा के अल-अहली अस्पताल में सैकड़ों लोगों की मौत की रिपोर्ट से गहरा स्तब्ध है. मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “नागरिक लक्ष्यों, विशेष रूप से मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ पूरी तरह से संचालित अस्पताल पर किसी भी परिस्थिति में हमला नहीं किया जाना चाहिए.” इसमें कहा गया, “संघर्ष में नागरिकों की रक्षा की जानी चाहिए.”

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने घातक हवाई हमले की कड़ी निंदा की और इसे “भयानक” हमला बताया. गुटेरेस ने एक्स पर पोस्ट किया, “मेरा दिल पीड़ितों के परिवारों के साथ है. अस्पताल और चिकित्सा कर्मी अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत संरक्षित हैं.”

जॉर्डन में होने वाला शिखर सम्मेलन रद्द

मध्य पूर्व में बिडेन के जटिल राजनयिक मिशन का उद्देश्य इस क्षेत्र को शांत करना और गाजा के लिए मानवीय प्रयासों को बढ़ावा देना था, लेकिन हमले के बाद, जॉर्डन ने अमेरिकी राष्ट्रपति, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के साथ होने वाले शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया. फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने बाइडन के साथ मुलाकात भी रद्द कर दी.

त्रिपोली से तेहरान तक मुस्लिम जगत का फूटा गुस्सा

गाजा में अल-अहली अल-अरबी अस्पताल पर घातक इजरायली हवाई हमले के बाद अपना आक्रोश दिखाने के लिए हजारों प्रदर्शनकारी मंगलवार को मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में सड़कों पर उतर आए.
जॉर्डन, तुर्की, लेबनान, ईरान और इराक के साथ-साथ रामल्ला जैसे वेस्ट बैंक के शहरों में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.
लाखों फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों के घर जॉर्डन में तो प्रदर्शनकारियों ने इज़रायली दूतावास पर धावा बोलने की कोशिश की.
वहीं, लेबनान में अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों से झड़प हो गई. पत्थर फेंके गए और एक इमारत में आग भी लगा दी गई.

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