Israel-Hamas Peace Plan: गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इज़राइल और हमास के बीच शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत किया और इसे क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक कदम बताया. मोदी ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व की भी सराहना की.
यह प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मज़बूत नेतृत्व का भी प्रतीक है-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं. यह प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मज़बूत नेतृत्व का भी प्रतीक है.”
गाजा में स्थिरता की आशा व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता में वृद्धि से “उन्हें राहत मिलेगी और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा.”
We welcome the agreement on the first phase of President Trump’s peace plan. This is also a reflection of the strong leadership of PM Netanyahu.
We hope the release of hostages and enhanced humanitarian assistance to the people of Gaza will bring respite to them and pave the way…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 9, 2025
भारत ने कहा है कि वह गाजा में शांति बहाल करने और मानवीय संकट से निपटने के सभी राजनयिक प्रयासों का समर्थन करता है.
ट्रंप ने की इज़राइल और हमास के बीच समझौते की घोषणा
मोदी का यह बयान डोनाल्ड ट्रंप के यह घोषणा किए जाने के कुछ ही घंटों बाद आया है कि इज़राइल और हमास दोनों बंधकों की रिहाई और आंशिक सैन्य वापसी के लिए अमेरिका और कतर की मध्यस्थता वाले समझौते पर सहमत हो गए हैं.
ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित एक समझौते के तहत इज़राइल और हमास गाजा में लड़ाई रोकने और कम से कम कुछ बंधकों और कैदियों को रिहा करने पर सहमत हुए हैं.
इज़राइल और हमास ने अलग-अलग अपने समझौते की रूपरेखा की पुष्टि की, जिसके बाद तेल अवीव में बंधक परिवारों ने जश्न मनाया और गाजा में कुछ लोगों ने सतर्क आशा व्यक्त की. यह समझौता दो साल से चल रहे विनाशकारी युद्ध में महीनों में सबसे बड़ी सफलता है.
मिस्र में हुआ समझौते पर अप्रत्यक्ष वार्ता
यह समझौता हमास के सीमापार हमले की दूसरी वर्षगांठ के ठीक एक दिन बाद सामने आया है. हमास के इजरायल में घुस कर हमला करने और उसके नागरिकों को बंदी बनाने के बाद इजरायल ने गाजा पर विनाशकारी हमला किया था. इस समझौते को लेकर मिस्र में अप्रत्यक्ष वार्ता के दौरान फिलिस्तीनी क्षेत्र में शांति लाने के लिए ट्रम्प के 20 सूत्री ढांचे के प्रारंभिक चरण पर सहमति बनी.
यदि यह समझौता पूरी तरह से लागू हो जाता है, तो यह दोनों पक्षों को क्षेत्रीय संघर्ष में तबदील हो चुके युद्ध को रोकने के किसी भी पिछले प्रयास से कहीं ज़्यादा क़रीब लाएगा, जिसने ईरान, यमन और लेबनान जैसे देशों को अपनी ओर खींचा, इज़राइल के अंतर्राष्ट्रीय अलगाव को गहरा किया और मध्य पूर्व को नया रूप दिया.
Israel-Hamas Peace Plan: इजराइल में आतिशबाजी तो गाज़ा में बजी ताली
इस समझौते की ख़बर से इज़राइल, गाज़ा और उसके बाहर जश्न का माहौल बन गया, बंधकों के इज़राइली परिवारों ने आतिशबाजी की, जबकि फ़िलिस्तीनियों ने रक्तपात के अंत की उम्मीद में तालियाँ बजाईं और जयकारे लगाए.
हमास कुछ ही दिनों में सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा करने का इरादा रखता है, जबकि इज़राइली सेना गाज़ा के अधिकांश हिस्से से वापसी शुरू कर देगी, इस मामले से परिचित लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि इस समझौते के विवरण पर चर्चा करने के लिए, जिसे पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया है.
ट्रम्प के प्रस्ताव के कुछ पेचीदा पहलुओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जैसे कि हमास निरस्त्रीकरण करेगा या नहीं और कैसे करेगा, और गाजा पर शासन कौन करेगा. लेकिन दोनों पक्ष पिछले कई महीनों की तुलना में उस युद्ध को समाप्त करने के और करीब दिखाई दे रहे हैं जिसने हज़ारों फ़िलिस्तीनियों की जान ले ली है, गाजा के अधिकांश हिस्से को नष्ट कर दिया है और मध्य पूर्व में अन्य सशस्त्र संघर्षों को जन्म दिया है.
यह युद्ध, जो 7 अक्टूबर, 2023 को तब शुरु हुआ था जब इज़राइल पर हमास ने घातक हमला किया. जिसके जवाब में इजराइल ने पूरा गाज़ा तबह कर दिया और लाखों लोगों की जान ले ली.
ये भी पढ़ें-भतीजे चिराग पासवान से हिसाब चुकता करने के मूड में दिखे पशुपति पारस,चुनाव से पहले दिया बड़ा बयान

