23, 24 मार्च यानी सोमवार और मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में पीएम मोदी के खाड़ी युद्ध पर दिए बयानों के बाद देश में रोज नए शहर से तेल और गैस के लिए लगी लंबी लाइनों की तस्वीरें सामने आ रही है.
ऐसे में जब आज यानी गुरुवार को समाचार एजेंसी एएनआई ने लखनऊ के पेट्रोल पंप पर भीड़ की तस्वीरें साझा की तो उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बयान दे दिया कि अगर खाड़ी का युद्ध लंबा चलता है तो हर व्यक्ति प्रभावित होगा. सवाल ये है कि एक तरफ जहां सरकार विपक्ष को कह रही है कि देश में पर्याप्त तेल और गैस है अफवाह न फैलाए तो दूसरी तरफ जनता को तैयार रहने के लिए क्यों कहा जा रहा है. क्या सरकार खुद पैनिक फैला रही है. इसके साथ ही देशभर में तेल और पैट्रोल के दाम बढ़ने को लेकर सरकार की खमोशी की क्या वजह है.
#WATCH उत्तर प्रदेश: लखनऊ में फ्यूल स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी गई। pic.twitter.com/Sy2baQuWDM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 26, 2026
हमें मानसिक रूप से तैयार रहना होगा-सीएम योगी आदित्यनाथ
गुरुवार को गोरखपुर में औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है तो उसका प्रभाव हर व्यक्ति पर पड़ सकता है, इसलिए हमें मानसिक रूप से तैयार रहना होगा और अफवाहों से दूर रहना होगा.
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने जनता को ये भी बताया कि क्या सच्ची राष्ट्रभक्ति है. सीएम ने कहा कि जब भी कोई राष्ट्रीय चुनौती सामने आती है तो सरकार और जनता को मिलकर उसका सामना करना चाहिए, यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है, और यदि देशहित में सरकार कोई कदम उठाती है तो हमें उसके लिए भी खुद को तैयार रखना चाहिए.
देश के हित में सरकार ने कोई कदम उठाया है तो हम लोग उसके लिए अपने आप को तैयार करें…
लेकिन कुछ लोग हैं जो अफवाह फैलाकर माहौल खराब करना चाहते हैं… pic.twitter.com/xLY2087Mg1
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 26, 2026
जरूरत होने पर ही गैस, पेट्रोल-डीजल लेने जाएं- सीएम योगी
हलांकि सीएम योगी ने ये भी कहा कि पहले अगर किसी घर में एक सिलेंडर एक महीने चलता था, तो आज लोग पांचवे-छठे दिन ही सिलेंडर लेने क्यों पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब नंबर आएगा तो रजिस्ट्रेशन कराएं, रसोई गैस घर तक पहुंच जाएगी. प्रदेश सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पहले की तरह होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, इसलिए गैस एजेंसियों पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं है.
उन्होंने ये भी कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने और अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जरूरत होने पर ही पेट्रोल-डीजल लेने जाना चाहिए.
लेकिन इसके साथ ही लोगों में दिख रहे पैनिक को उन्होंने राष्ट्र कि छवि के साथ जोड़ते हुए कहा कि, अफवाहों और दुष्प्रचार के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि इससे देश की छवि और हमारी राष्ट्रभक्ति पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारत में स्थिति सामान्य है, नवरात्रि के कार्यक्रम हो रहे हैं और कल रामनवमी का पर्व भी मनाया जाएगा.
क्या सरकार खुद लोगों में घबराहट पैदा कर रही है
सवाल ये है कि जब सरकार जानती है कि लोगों में घबराहट है वो संसद में प्रधानमंत्री के कोरोना काल जैसी एकजुटता दिखाने के आह्वान से घबरा गए है तो युद्ध के लंबे चलने और मानसिक रुप से तैयार रहने जैसी बातें क्यों कर रहे हैं.
गुरुवार को ही भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर नायरा एनर्जी ने फ्यूल की कीमतें बढ़ा, कीमतें एक दो रुपये भी नहीं पेट्रोल ₹5.30 प्रति लीटर और डीज़ल की कीमतें ₹3 प्रति लीटर महंगा हो गया.
जब पेट्रोल डीजल को लेकर एसेंशियल कमोडिटी एक्ट की धारा तीन लागू की है और वो रोज ये मॉनिटर कर रही है कि कितना तेल डीजल और गैस देश में है तो तेल कंपनी ने किससे पूछ कर तेल की कीमत बढ़ा दी.
अभी तो तेल जो देश में पहुंच रहा है वो युद्ध से पहले खरीदा गया था. फिर अभी से दाम बढ़ाने की क्या वजह है. क्या केंद्र और राज्य सरकार ने शीर्ष नेता तेल के दामों में बढ़ोतरी से जनता में फैलने वाले गुस्से को घबराहट में बदल अपनी जान बचाने की जुगत में है.
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