बुधवार को IRCTC Hotel Corruption Case में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की केस ट्रांसफर एप्लीकेशन को लेकर ये नोटिस जारी किया है.
कोर्ट ने CBI को एप्लीकेशन पर जवाब फाइल करने का निर्देश दिया है और मामले को 6 दिसंबर के लिए लिस्ट किया है.
राबड़ी देवी ने की IRCTC Hotel Corruption Case ट्रांसफर की माग
24 नवंबर 2025 को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर स्पेशल जज विशाल गोगने (राउज़ एवेन्यू कोर्ट) पर पक्षपात पूर्ण रवैया रखने का आरोप लगाया था. राबड़ी देवी ने कोर्ट ने अपने और परिवार से जुड़े 4 मामलों को किसी और जज को ट्रांसफर करने की मांग की थी. IRCTC होटल करप्शन केस भी उन्हीं 4 केस में से एक है.
इस केस में राबड़ी देवी अपने पति लालू प्रसाद यादव, बेटे तेजस्वी यादव और दूसरों के साथ दोनों केस में ट्रायल का सामना कर रही हैं. यह केस प्रॉसिक्यूशन एविडेंस के स्टेज पर है. सीनियर वकील ने कहा कि वे ED केस के ट्रांसफर के लिए अलग से पिटीशन फाइल करेंगे.
Rabri Devi ने अपनी अर्जी में क्या कहा
एडवोकेट वरुण जैन और नवीन कुमार के ज़रिए दी गई अर्जी में कहा गया है कि चारों केस स्पेशल जज विशाल गोगने (राउज़ एवेन्यू कोर्ट) के सामने पेंडिंग हैं. इसमें केस को किसी दूसरी सही कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की गई है, जिसमें कहा गया है कि “एप्लीकेंट को इस बात का सही और सच्ची आशंका है कि उसे इस कोर्ट में फेयर और बिना भेदभाव के ट्रायल नहीं मिलेगा.”
कार्यवाही के दौरान जज का व्यवहार और तरीका भेदभाव महसूस हुआ-Rabri Devi
याचिका में कहा गया है, “आरोपी एप्लीकेंट ने न सिर्फ़ कोर्ट की कार्यवाही के दौरान भेदभाव महसूस किया है, बल्कि उसे यह भी यकीन है कि…स्पेशल जज पहले से सोचे-समझे दिमाग से कार्यवाही कर रहे हैं, जिसका एकमात्र मकसद एप्लीकेंट को मौजूदा केस में दोषी ठहराना है.”
इसमें कहा गया है कि स्पेशल जज का व्यवहार और तरीका, जैसा कि कई तारीखों पर हुई कार्यवाही से साफ़ है, प्रॉसिक्यूशन के पक्ष में बहुत ज़्यादा झुका हुआ लगता है, जिससे कोर्ट से उम्मीद की जाने वाली न्यूट्रैलिटी पर असर पड़ता है.
याचिका में कहा गया है कि इस तरह के व्यवहार से भेदभाव की काफी संभावना है, जो अंदाज़े पर आधारित नहीं था, बल्कि उन खास घटनाओं पर आधारित था जो चारों मामलों में कार्रवाई के दौरान हुई थीं.

