Iran-US news: गुरुवार को ईरान ने किसी भी हमले का “करारा जवाब” देने की चेतावनी देने के कुछ घंटों बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान से बात कर रहे हैं और संकेत दिया कि सैन्य कार्रवाई से अभी भी बचा जा सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों के एक बड़े सेट पर विचार कर रहे हैं, जिसमें न्यूक्लियर ठिकानों पर संभावित कमांडो ऑपरेशन भी शामिल हैं. इस बीच, समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने आगे के विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए कथित तौर पर हजारों लोगों को हिरासत में लिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया अब बातचीत का सुझाव
ट्रम्प ने गुरुवार को कहा कि वह ईरान से बात करने की योजना बना रहे हैं, हलांकि इस बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में एक और युद्धपोत भेजा है.
ईरान के धार्मिक नेतृत्व द्वारा देश भर में विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के बाद हाल के हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है.
Iran-US news: इज़राइल ने की ‘मिलकर कार्रवाई’ करने की अपील
इज़राइल चाहता है कि अमेरिका ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर नए हमलों में शामिल हो. इंटेलिजेंस अधिकारियों ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि पिछले साल जून में 12 दिन के संघर्ष के दौरान तेल अवीव ने इस सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद ईरान ने इसे काफी हद तक फिर से बना लिया है.
इज़राइली अधिकारी ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को लेकर बहुत चिंतित हैं, उनका कहना है कि यह इज़राइल में आम नागरिकों और मिलिट्री दोनों जगहों तक पहुंचने में सक्षम है.
ईरान ने ट्रंप की धमकियों का ‘करारा जवाब’ देने की खाई कसम
गुरुवार को ईरान ने किसी भी हमले का “करारा जवाब” देने की चेतावनी दी है. ईरान का जवाब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परमाणु समझौते के लिए समय खत्म होने वाले बयान के बाद आया.
सरकारी टेलीविज़न ने बताया कि ईरान के सेना प्रमुख अमीर हतामी ने गुरुवार को यह चेतावनी दोहराई. ब्रॉडकास्टर ने कहा कि कॉम्बैट यूनिट्स में 1,000 “स्ट्रेटेजिक ड्रोन” जोड़े गए हैं.
ईरान ने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी अभियान चलाया, हजारों को गिरफ्तार किया- रिपोर्ट
सूत्रों ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि सादे कपड़ों में ईरानी सुरक्षा बलों ने आगे के विरोध प्रदर्शनों को रोकने के मकसद से हजारों लोगों को हिरासत में लिया है. यह कदम देश में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सबसे घातक अशांति के बाद उठाया गया है.
एक एक्टिविस्ट ने कहा, “वे सभी को गिरफ्तार कर रहे हैं.” “किसी को नहीं पता कि उन्हें कहाँ ले जाया जा रहा है या कहाँ रखा जा रहा है. इन गिरफ्तारियों और धमकियों से, वे समाज में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.”
ईरान इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में चश्मदीदों के बयानों के हवाले से कहा कि,गिरफ्तारी अभियान के समय सड़कों पर जो मुख्य फोर्स दिखी, वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) थी.
यूरोप ने IRGC को बताया ‘आतंकवादी’ संगठन, ईरान ने कहा ये सिर्फ ‘PR स्टंट’
यूरोपीय संघ ने गुरुवार को ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर तेहरान की खूनी कार्रवाई के कारण एक आतंकवादी संगठन के रूप में लिस्ट किया.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस पदनाम को “PR स्टंट” कहकर खारिज कर दिया और कहा कि अगर प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप ऊर्जा की कीमतें बढ़ती हैं तो यूरोप प्रभावित होगा.
उन्होंने X पर लिखा, “कई देश इस समय हमारे क्षेत्र में पूरी तरह से युद्ध छिड़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. उनमें से कोई भी यूरोपीय नहीं है.”
EU के IRGC कदम के बाद पहलवी ने और कार्रवाई की मांग की
ईरान के निर्वासित राजकुमार रेजा पहलवी ने यूरोपीय संघ के IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित करने के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह एक साफ संकेत है कि इस्लामिक रिपब्लिक को अंतरराष्ट्रीय वैधता नहीं है और ईरानियों की सुरक्षा के लिए और ज़्यादा ठोस कदम उठाने की मांग की.
उन्होंने X पर लिखा, “यह महत्वपूर्ण कदम अपराधी शासन को एक संदेश भेजता है कि उसकी कोई वैश्विक वैधता नहीं है.” “अब हमें ईरानी लोगों की रक्षा करने और ईरान को लोकतंत्र की ओर ले जाने वाली एक वैध अंतरिम सरकार का समर्थन करने के लिए और ठोस कार्रवाई की ज़रूरत है.”

