Iran protests: ईरान में आर्थिक दिक्कतों को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब गिरती अर्थव्यवस्था और ईरानी रियाल के कमजोर होने के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन बन गए हैं. गुरुवार को यह बड़ा आंदोलन सबसे बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शन में बदल गया, जो पिछले दो हफ्तों से चल रहा है. शुक्रवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहे, देश भर के शहरों और कस्बों में प्रदर्शन हुए.
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने अमेरिका, इज़राइल पर आरोप लगाया
AP के अनुसार, ईरानी सरकारी मीडिया ने हिंसा भड़काने के लिए अमेरिका और इज़राइल के “आतंकवादी एजेंटों” को दोषी ठहराया है. टीवी रिपोर्ट में कहा गया है कि “लोगों की प्राइवेट कारें, मोटरसाइकिलें, मेट्रो जैसे सार्वजनिक स्थान, फायर ट्रक और बसें जला दी गईं.”
🚨BREAKING: Protests in Iran are escalating: many parts are being set on fire in protest against the regime. pic.twitter.com/kqSZZl86LK
— Eli Afriat 🇮🇱🎗 (@EliAfriatISR) January 8, 2026
निर्वासित क्राउन प्रिंस की अपील के बाद लोग सड़कों पर उतरे
क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी, जिनके पिता 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले गंभीर बीमारी के कारण ईरान छोड़कर भाग गए थे, उन्होंने गुरुवार को प्रदर्शनकारियों से अपनी खिड़कियों से नारे लगाने की अपील की. AP की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी प्रदर्शनकारियों ने इस अपील को माना और शुक्रवार सुबह तक सड़कों पर मार्च किया.
Iran protests: हिंसा में कम से कम 42 लोगों की मौत
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बाज़ार और दुकानें बंद रहीं, लेकिन विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, आंदोलन के सिलसिले में 2,270 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मरने वालों में 29 प्रदर्शनकारी नागरिक, आठ सुरक्षाकर्मी और 18 साल से कम उम्र के पांच बच्चे और किशोर शामिल हैं.
तेहरान में बड़ी रैली
तेहरान में एक बड़ी रैली की तस्वीरें सामने आईं, जबकि देश में विरोध प्रदर्शन इसके सभी 31 प्रांतों में फैल गए. तस्वीरों और वीडियो में सड़कों पर लोगों का हुजूम नारे लगाते हुए दिखा. AFP की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के उत्तर-पश्चिम में विशाल अयातुल्ला काशानी बुलेवार्ड पर भारी भीड़ जमा होती देखी गई।
46 शहरों, 21 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन
HRANA के अनुसार, गुरुवार को कम से कम 46 शहरों और 21 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन की खबरें आईं. कुर्द इलाकों में बाजारों के बंद होने की भी खबरें आईं, जिसमें कुर्दिस्तान, वेस्ट अजरबैजान, केरमानशाह और इलम प्रांतों के दर्जनों शहरों के हड़ताल में शामिल होने की बात कही गई है.
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों पर देशव्यापी कार्रवाई में 60 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 28 दिसंबर से अब तक 2,277 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार किए गए लोगों में से कम से कम 166 की उम्र 18 साल से कम बताई जा रही है और 48 यूनिवर्सिटी के छात्र हैं. रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से सरकारी मीडिया ने जबरन कबूलनामे के 45 मामले भी प्रसारित किए हैं.
Iran protests: इंटरनेट ब्लैकआउट
ऑनलाइन वॉचडॉग नेटब्लॉक्स ने कहा कि लाइव मेट्रिक्स से पता चलता है कि ईरान में देश भर में इंटरनेट ब्लैकआउट हो गया है. उसने कहा, “यह घटना देश भर में विरोध प्रदर्शनों को टारगेट करने वाले बढ़ते डिजिटल सेंसरशिप उपायों की एक सीरीज़ के बाद हुई है और यह एक मुश्किल समय में लोगों के बात करने के अधिकार में रुकावट डालती है.”
इंटरनेट ब्लॉक होने पर ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने ईरानी सरकार की आलोचना की, जिसने बातचीत की लाइनों को बंद कर दिया है, जिसमें इंटरनेट बंद करना और चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सैटेलाइट सिग्नल को जाम करने की कोशिश करना भी शामिल है. उन्होंने सभी यूरोपीय नेताओं से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरह “ईरान के लोगों का समर्थन करने” और “सरकार को जवाबदेह ठहराने” का भी आग्रह किया.
ट्रम्प की ईरान को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को ईरान को एक और कड़ी चेतावनी दी और कहा कि अगर वहां के अधिकारी “लोगों को मारना शुरू करते हैं”, तो ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि वॉशिंगटन “उन्हें बहुत बुरी तरह से सबक सिखाएगा”.
ये भी पढ़ें-छापेमारी के खिलाफ I-PAC पहुंचा हाईकोर्ट, कल कोलकाता में टीएमसी का प्रोटेस्ट मार्च ,ममता करेंगी लीड

