Thursday, January 22, 2026

तवांग में चीनी सैनिकों की ‘गलवान’ दोहराने की नीयत को भारतीय सैनिकों ने किया नाकाम

गलवान घाटी के बाद अब एक बार फिर से चीनी सैनिकों के नापाक इरादे भारत के पूर्वी क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश के तवांग में सामने आये हैं. समाचार एजेंसी ANI के हवाले  से मिली जानकारी के मुताबिक 9 दिसंबर की रात चीनी  सेना PLA के सैनिकों ने तवांग सेक्टर में एलएसी( वास्तविक नियंत्रण रेखा ) तक पहुंचने की कोशिश की, जिसे भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया.

चीनी सेना पूरी तैयारी के साथ आई थी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक करीब तीन सौ सैनिक LAC पर पहुंचने की फिराक में थे,लेकिन भारतीय सेना ने मजबूती से मुकाबला करते हुए चीनी सेना के मंसूबों को नाकाम कर दिया .इस दौरान दोनों पक्षों के सैनिकों को चोटे आई हैं. भारतीय सैनिकों को गोवाहाटी के अस्पताल मे भर्ती कराया गया है.

अरुणाचल प्रदेश के साथ चीन की सीमा जुड़ी होने के कारण वास्तविक नियत्रण रेखा के पास चीन कई क्षेत्रों पर अपना दावा करता आया  है . इससे पहले भी चीन ने कई बार इस इलाके में कब्जे के लिए नाकाम कोशिशें की हैं. यही कारण है कि तवांग सेक्टर में भारत और चीन दोनो के सैनिक गश्त करते हैं.LAC पर दोनो देशों के सैनिक अपने अपने क्षेत्र में गस्त करते हैं. ये सिलसिला 2006 से जारी है.

17 हजार फीट की उंचाई पर बने भारतीय पोस्ट पर कब्जे के लिए आई थी चीनी सेना  

रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ड्रैगन सेना 17 हजार फीट की उंचाई पर बने भारतीय पोस्ट को तोड़ना चाहती थी. इसके लिए तीन सौ सैनिको के साथ चीनी सेना ने भारतीय पोस्ट पर धावा बोला . चीनी सैनिक अपनी मंशा को अंजाम देने के लिए हाथों में डंडे और कंटीले तार लेकर आये थे. जैसा कि उन्होने गलवान घाटी मे किया था, लेकिन इस बार भारतीय जवानों ने समय रहते उनकी मंशा को भांप लिया और जबर्दस्त तरीके से उनका मुकाबला किया. भारत के जवानों की दिलेरी चीनी सैनिकों पर भारी पड़ी और उन्हे उल्टे पैर भागना पड़ा है. झड़प के दौरान कई चीनी सैनिक भी घाय़ल हुए हैं.

तवांग मामले पर संसद में हंगामें के आसार

9 दिसंबर की घटना सोमवार को मीडिया के सामने आने आने पर देश में हंगामा मच गया है. विपक्षी कांग्रेस पार्टी आरोप लगाया है कि पीएम मोदी अपनी छवि दुनिया के सामने बनाये रखने के लिए देश को खतरे में डाल रहे हैं

AIMIM के असदुद्दीन औवेसी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने वास्तविक स्थिति को लेकर देश को अंधेरे मे रखा. इस मामले पर असदुद्दीन औवेसी ने 13 दिसंबर को संसद में स्थगन प्रस्ताव लाने की बात कही है

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