अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन ट्रेड डील India-US trade deal को फाइनल करने के “काफी करीब” हैं, ट्रंप का ये बयान तब आया है जब US सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो तीन दिन के ऑफिशियल दौरे पर भारत में हैं.
“एक बहुत अलग तरह की डील हो सकती है”-ट्रंप
ब्लूमबर्ग ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप के हवाले से कहा, “वे एक डील करना चाहते हैं. हम एक डील करने जा रहे हैं. काफी करीब, हाँ.” अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि यह “एक बहुत अलग तरह की डील हो सकती है”, लेकिन उन्होंने और डिटेल में नहीं बताया.
ट्रंप की यह बात हाल ही में भारत और अमेरिका के नेताओं द्वारा ट्रेड डील की संभावनाओं के बारे में दिए गए आशावादी बयानों के बाद आई है. नई दिल्ली और वाशिंगटन ने इस साल की शुरुआत में फरवरी में एक अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क की घोषणा की थी.
‘बहुत करीब, कुछ चीज़ें बाकी हैं’: ट्रेड डील पर बोले रुबियो
रुबियो ने भी मंगलवार को कहा था कि भारत और US एक ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल करने के “बहुत, बहुत करीब” हैं. “स्टेट डिपार्टमेंट ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत नहीं करता है, लेकिन जो हो रहा है उसमें हम बहुत ज़्यादा शामिल हैं…हम बहुत, बहुत करीब हैं. मैं कहूंगा कि हम एग्रीमेंट को पूरा किए बिना भी उतने ही करीब हो सकते हैं,” उन्होंने भारत की अपनी दूसरी ऑफिशियल विज़िट के दौरान कहा.
उन्होंने कहा कि “कुछ काम बाकी हैं”, और कहा कि उन्हें भी “जल्द ही” निपटा लिया जाएगा. रुबियो ने उम्मीद जताई कि “जल्द ही कोई अच्छी खबर आएगी”, साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों पक्षों के पास “कुछ न कुछ होगा”.
रुबियो ने मंगलवार को मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने नई दिल्ली से एनर्जी ट्रेड बढ़ाने और अमेरिकी टेक्नोलॉजी और सिस्टम की खरीद बढ़ाने का आग्रह किया.
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी पिछले हफ्ते नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा था कि “बड़े काम हो चुके हैं”, और दोनों देश “इसे पूरा करने” के बहुत करीब हैं.
रुबियो का सुझाव, रूसी एनर्जी छूट से पहले ट्रेड डील पर ‘विचार’ किया जाए
अपने भारत दौरे से पहले भी, रुबियो ने उज़्बेकिस्तान में कहा था कि वाशिंगटन भारत के साथ ट्रेड डील को फाइनल करने के “बहुत करीब” है, और यह उन चीजों में से एक है जिन पर नेशनल सिक्योरिटी छूट पर फैसला लेते समय ध्यान दिया जाता है.
रुबियो ने समरकंद में रिपोर्टर्स से बात करते हुए कहा, “हम अभी इंडिया के साथ एक ट्रेड डील फाइनल करने की कोशिश कर रहे हैं. हम ऐसा करने के बहुत करीब हैं. इसलिए जब प्रेसिडेंट नेशनल सिक्योरिटी में छूट और इस तरह की चीज़ों के बारे में कोई फैसला लेते हैं, तो हम इन बातों का ध्यान रखते हैं.”
यह बात US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट के तहत रशियन एनर्जी से जुड़े कुछ सैंक्शन को “नेशनल सिक्योरिटी” कारणों का हवाला देते हुए माफ करने के कुछ दिनों बाद आई है. यह कानून, जिसे रोक दिया गया है, रशियन क्रूड ऑयल या गैस के टॉप पांच खरीदारों पर 100 परसेंट तक टैरिफ लगाता, जिसमें इंडिया भी शामिल था. पक्का है कि सेकेंडरी सैंक्शन को अभी टाल दिया गया है, जिससे ट्रंप जब चाहें इन देशों के खिलाफ कानून का इस्तेमाल कर सकते हैं.
India-US trade deal का पहला हिस्सा फाइनल हो गया है- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारत-US बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट का पहला हिस्सा तैयार है और अभी लीगल ड्राफ्टिंग का काम चल रहा है.
उन्होंने कहा, “US बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट का पहला हिस्सा फाइनल हो गया है. यह फाइनल कंटूर, लीगल ड्राफ्टिंग से गुजर रहा है, और हमें उम्मीद है कि हम इसे जल्द ही फाइनल कर पाएंगे और अपने साथी देशों पर बराबर या कॉम्पिटिटिव एडवांटेज मिलने के बाद इसे ऑपरेशनल कर पाएंगे.”
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