India China Tourist Visa : भारत और चीन के बीच आपसी संबंधों को पटरी पर लाने के उद्देय से भारत सरकार ने एक बार फिर से चीनी नागरिकों के लिए भारत का टूरिस्ट वीजा प्रोग्राम शुरु कर दिया है. जिसके बाद अब चीनी नागरिक ग्लोबल मिशनों में वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे.भारत सरकार ने ये कदम दोनो देशों के बीच हुए सैन्य गतिरोध के बाद टूट चुके रिश्तों को नार्मल करने के उद्देश्य से उठाया है.
India resumes tourist visas for Chinese citizens around the world@Rezhasan ✍️
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— Hindustan Times (@htTweets) November 21, 2025
India China Tourist Visa : गलवान घाटी में सैन्य गतिरोध के लगाई गई थी रोक
भारत ने साल 2020 में गलवान घाटी में लाइन आफ कंट्रोल पर दोनों देशो के सैन्य गतिरोध के बाद चीनी नागरिकों के लिए सभी तरह के वीजा पर पाबंदी लगा दी थी. गलवान में लाइन ऑऱ कंट्रोल पर चीनी सैनिको के साथ गतिरोध में भारत के 20 से अधिक सैनिक मारे गये थे, वहीं चीन के भी 4 सैनिक शहीद हुए थे.इस गतिरोध के बाद भारत चीन संबंध पिछले 60 साल मे सबसे बुरे हालत में पहुंच गया था. दोनो देशों के बीच हर तरह के संबंध खत्म कर दिये गये थे.
अब घटना के 5 साल बाद भारत सरकार की तरफ से एक बार फिर से चीनी नागरिको के लिए भारत आने का रास्ता खोल दिया गया है. हलांकि इस फैसले को लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दुनिया भर में भारत सरकार ने भारतीय दूतावासों और कॉन्सुलेट में चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीज़ा खोल दिया है.
दोनों देशों के बीच शुरु हुई सीधी उड़ान
अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक नाम न बताने की शर्त पर उन्हें बताया गया कि भारत और चीन ने हाल के महीनों में रिश्तों को स्थिर करने के लिए कई फैसले किये हैं . 2020 से निलंबित सीधी उड़ानों को अक्टूबर के महीने में फिर से शुरु किया गया था.
भारत सरकार ने चीन के साथ रिश्ते को नार्मल करन के उद्देश्य से कई कदम उठाये हैं, जिसमें गर्मियों के समय में तिब्बत इलाके में पवित्र जगहों के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने का एग्रीमेंट, अलग-अलग कैटेगरी के यात्रियों के लिए वीज़ा की सुविधा और डिप्लोमैटिक रिश्तों की 75वीं सालगिरह मनाना शामिल है.
पीएम मोदी और शी जिंनपिंग के बीच हुई कई मुलाकातें
2020 से लाइन ऑफ कंट्रोल पर दोनो तरफ से गतिविधिया स्थगित कर दी गई थी, लेकिन 2024 में दोनों देशों के बीच अक्टूबर 2024 में LAC से फ्रंटलाइन फोर्सेज़ को हटाने पर सहमति हुई. फिर रूस के कज़ान शहर में पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें उनके बीच आपसी रिश्तों को नॉर्मल करने और लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए रास्ते खोले पर सहमति बनी. पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद भारत और चीन के विदेश और रक्षा मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ-साथ बॉर्डर मुद्दे के लिए स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव – NSA अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच भी कई मीटिंग हुई हैं.
इन बैठकों का नतीजा यह हुआ कि बॉर्डर ट्रेड से लेकर आर्थिक मुद्दों तक, अलग-अलग एरिया में सहयोग फिर से शुरू करने पर सहमति बनी. चीन ने भारत की ट्रेड से जुड़ी चिंताओं, जैसे रेयर अर्थ मिनरल्स पर एक्सपोर्ट पाबंदियों को दूर करने के लिए भी कदम उठाए हैं.

