Thursday, January 22, 2026

एक्शन मोड में नितिन नबीन:पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए दिग्गजों को थमाया टास्क

Nitin Nabin marathon meeting : हमेशा चुनावी मोड मे रहने वाली भारतीय जनता पार्टी के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीन नबीन ने संगठन में पदभार संभलाने के साथ ही पार्टी के लिए धुंआधार रणनीति को जमीन पर उतारना शुरु कर दिया है. नतीन नबीन के सामने पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव की चुनौतियां खड़ी है.इन्ही चुनौतियों से निबटने के लिए दिल्ली में बीजेपी हेडक्वाटर में 8 घंटे तक मैराथन बैठक चली जिसमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले चुनाव पर चर्चा हुई.

Nitin Nabin marathon meeting:बंगाल चुनाव का एजेंडा तय

नये राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर प्रदेश में बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और विकसित भारत जैसे अभियानों को तेज करने पर जोर दिया. भाजपा के लिए हलांकि इन पांचो राज्यों के चुनाव महत्वपूर्ण है लेकिन इनमें से भी पश्चिम बंगाल का चुनाव बीजेपी के लिए नाक का सवाल है.  बंगाल के चुनाव पर फोकस करते हुए पार्टी ने यहां चुनाव में स्वास्थ्य और शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा बनाने का फैसला किया है. पार्टी के नये अध्यक्ष नीतिन नबीन ने 8 घंटे चली मैराथन बैठक में ये संकेत दे दिया कि उनके नेतृत्व में बीजेपी अब आक्रमक होकर जमीनी और लक्ष्य-केंद्रित राजनीति की ओर बढ़ेगी.

पांच राज्यों के चुनाव पर फोकस

भाजपा के कोर सदस्यों की 8 घंटे चली बैठक में पांचों चुनावी राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और चुनाव प्रभारी मौजूद रहे. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पांचों राज्यों से अलग-अलग उनकी चुनाव तैयारियों की रिपोर्ट ली और संगठन की वास्तविक स्थिति को परखा. नीतीन नबीन ने पांचों राज्यो के भाजपा पदाधिकारियों से कहा कि पार्टी का सबसे अधिक जोर बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर रहना चाहिये.

जहां भाजपा की सरकार है नहीं है वहां लगाये ज्यादा जोर

इस मैराथन बैठक में नीतिन नबीन ने कहा कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है ,वहां जमकर संघर्ष करना है और सरकार बनानी है. वहीं बीजेपी की सरकार सत्ता में है, वहां भी पार्टी को जमीनी स्तर पर एक संगठन के रुप में सशक्त करना प्राथमिकता होनी चाहिये.

विकसित भारत, SIR और ‘मन की बात’ पर अभियान पर जोर

नीतिन नबीन ने वर्तमान सरकार में मतदाता गहन पुनरीक्षण यानी SIR, विकसित भारत, जी राम जी (G RAMG) योजना और ‘मन की बात’ जैसे अभियानों को फोकस करने और इसे पूरी धार के साथ तेज करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम सिर्फ योजनाएं नहीं है , बल्कि ये  जनता से संवाद करने का एक सशक्त माध्यम है. उन्होने कहा कि पार्टी को इन अभियानों के माध्यम से अपनी बातें बूथ स्तर तक पहुंचानी है.

जनसंख्या बदलाव को फोकस कर बनेगी रणनीति

नये बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल हो, असम , तमिलनाडु, केरल या पुडुचेरी.. इन राज्यों में तेजी से जनसांख्यिकीय बदलाव हुए हैं जो बीजेपी के लिए एक चुनौती की तरह है लेकिन कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत नेतृत्व से इनका सामना किया जाएगा. नबीन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पार्टी इन राज्यों में प्रभावी विकल्प बनकर उभरेगी.

27–28 जनवरी को नीतीन नबीन जायेंगे बंगाल

पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव इस समय बीजेपी की सबसे बड़ी चुनौती है. राष्ट्रीय अध्यक्ष  बनने के बाद  नबीन बंगाल पहुंचकर वहां की जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे. नवीन  27-28 जनवरी को कोलकाता जायेंगे, जहां वो पार्टी के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे. अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का ये पहला पश्चिम बंगाल दौरा होगा.बैठक में नबीन पिछली जीती गई सीटों को दोहराने और नई सीटों पर जीत की रणनीति तैयार करेंगे.

असम में फिर बनायेंगे सरकार, दक्षिण में भी मिलेगी बढ़त

बैठक से निकलने के बाद मचासचिव अरुण सिंह ने बताया कि पार्टी को पूरा भरोसा है कि असम में एक बार फिर से बीजेपी की ही सरकार बनेगी. वहीं उम्मीद की जा रही है कि दक्षिण के राज्यों तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी बीजेपी पिछले चुनावों से बेहतर प्रदर्शन करेगी.

कुल मिलाकर देख जाये तो बीजेपी के नये राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपनी रणनीतियों से ये साफ कर दिया है कि अब बीजेपी किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं हैं. रणनीति, संगठन और मुद्दों—तीनों मोर्चों पर पार्टी ने जो चालें चली जा रही है उसका असर आने वाले महीनों में जमीन पर साफ नजर आ सकता है.

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