Friday, January 16, 2026

IRCTC case: दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोप तय करने के खिलाफ राबड़ी की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया

IRCTC case: शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की याचिका पर नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने नोटिस ट्रायल कोर्ट के 13 अक्टूबर के उस आदेश के खिलाफ दिया है जिसमें रबड़ी देवी के पति लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के दो होटलों को लीज पर देने में कथित गड़बड़ियों के मामले में उन पर आरोप तय किए गए थे.

तेजस्वी, लालू यादव और राबड़ी देवी की सुनवाई होगी एक दिन

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और सुनवाई की अगली तारीख 19 जनवरी तय की. उसी दिन वह बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव की 13 अक्टूबर के आदेश के खिलाफ याचिका पर भी सुनवाई करेगी.

क्या है IRCTC case

रांची और पुरी में IRCTC के दो होटल विजय और विनय कोचर की सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को लीज़ पर दिए गए थे. CBI ने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया में धांधली की गई थी ताकि उस फर्म को फायदा पहुंचाया जा सके, जिसके बदले में यादव परिवार को बहुत कम कीमतों पर ज़मीन और कंपनी के शेयर ट्रांसफर किए गए.
ट्रायल कोर्ट ने राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय किए, यह देखते हुए कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कथित आपराधिक साज़िश में हिस्सा लिया था, जब डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (DMPCL) ने कोचर भाइयों से कथित तौर पर कम कीमत पर ज़मीन के टुकड़े खरीदे थे.
इस मामले में CBI की चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि होटलों को पहले रेलवे से IRCTC को ट्रांसफर किया गया और बाद में 2004 से 2014 के बीच ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए सुजाता होटल्स को लीज पर दिया गया. एजेंसी ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाने के लिए हेरफेर किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ.

सीबीआई ने क्या लगाए है राबड़ी देवी और उनके परिवार पर आरोप

CBI ने दावा किया कि पटना में तीन एकड़ ज़मीन का एक टुकड़ा कथित तौर पर DMPCL को ट्रांसफर किया गया था, जिसका नाम बाद में बदलकर लारा प्रोजेक्ट्स LLP कर दिया गया, जिसे यादव परिवार के सहयोगी कंट्रोल करते थे. यह ज़मीन कथित तौर पर बाज़ार कीमत से कम दाम पर बेची गई और राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम पर ट्रांसफर की गई. CBI ने इन लेन-देन को क्लासिक क्विड प्रो क्वो बताया है, जिसमें कथित तौर पर सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के बदले कीमती प्राइवेट प्रॉपर्टी का लेन-देन किया गया.
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने CBI की फाइंडिंग्स के आधार पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, उनकी बेटी और तेजस्वी यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है.

IRCTC case: राबड़ी देवी के वकील ने कोर्ट में क्या दलील दी

हाई कोर्ट में राबड़ी देवी की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने दलील दी कि उनकी क्लाइंट न तो DMPCL में डायरेक्टर हैं और न ही शेयरहोल्डर. उन्होंने कहा कि ज़मीन के टुकड़े से जुड़ी किसी भी बिक्री या ट्रांजैक्शन में उनका अप्रत्यक्ष रूप से भी कोई रोल नहीं था.
देवी की याचिका में कहा गया है, “मौजूदा मामले में, न तो चार्जशीट, न ही उस पर निर्भर डॉक्यूमेंट्स, और न ही गवाहों के किसी बयान में किसी भी तरह के लालच, धोखाधड़ी या बेईमानी का ज़िक्र है.”
बुधवार को हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में इस मामले में क्रॉस-एग्जामिनेशन पर रोक लगा दी.

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