केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को संचार साथी ऐप Sanchar Saathi app के बारे में “जासूसी ऐप” के दावों को खारिज करते हुए कहा कि एप्लिकेशन का ऐसा इस्तेमाल “संभव नहीं है”.
प्रश्नकाल के दौरान ऐप पर हुई चर्चा के संदर्भ में, मंत्री ने कहा कि सरकार लोगों को खुद को बचाने में मदद करने के लिए उन्हें मज़बूत बनाना चाहती है. हालांकि कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने मंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें ये साफ नहीं है किऐप डिसेबल करने पर उसके सारे फीचर्स डिसेबल होंगे की नहीं
“Sanchar Saathi app से जासूसी न तो मुमकिन है और न ही होगी”- सिंधिया
लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, संचार साथी सेफ्टी ऐप से जासूसी न तो मुमकिन है और न ही होगी, यह बात उनके मंत्रालय के उस आदेश पर उठे विवाद के बीच कही गई है जिसमें स्मार्टफोन बनाने वालों को सभी नए डिवाइस में सरकारी साइबर सिक्योरिटी ऐप को पहले से लोड करने को कहा गया है.
सिंधिया ने कहा कि यह ऐप लोगों की सुरक्षा के लिए है. प्रश्नकाल के दौरान सिंधिया ने कहा, “संचार साथी ऐप से ‘ना जासूसी संभव है, ना जासूसी होगी’.”
संचार साथी ऐप से न तो snooping संभव है और न ही कभी होगी। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की सरकार जनता को अपनी सुरक्षा पर पूरा नियंत्रण और अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
संचार साथी की सफलता और उसका व्यापक उपयोग जनता के भरोसे और सहभागिता का परिणाम है। हम नागरिकों से… pic.twitter.com/bHKViYiNnJ
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) December 3, 2025
सारे फीचर्स डिसेबल हुए या नहीं- ये बात यूजर्स को पता नहीं चल पाएगी- दीपेंद्र हुड्डा
वहीं कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने मंत्री के बयान से असंतुष्ट होने पर अपने द्वारा संसद में पूछे सवालों को पोस्ट करते हुए लिखा, संचार साथी ऐप को लेकर सरकार ने आदेश दिया है कि अब यह ऐप फोन में प्री-इनस्टॉल होकर आएगा. केंद्रीय मंत्री ने इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है कि यह ऐप डिसेबल किया जा सकेगा. मगर हमारा सवाल है कि ऐप डिसेबल होने के बाद भी सारे फीचर्स डिसेबल हुए या नहीं- ये बात यूजर्स को पता नहीं चल पाएगी. ऐसे में ये मामला निजता के अधिकार के उल्लंघन और जासूसी के संदेहों से घिरा हुआ है. देश इस बारे में मंत्री से जवाब चाहता है.
संचार साथी ऐप को लेकर सरकार ने आदेश दिया है कि अब यह ऐप फोन में प्री-इनस्टॉल होकर आएगा।
केंद्रीय मंत्री ने इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है कि यह ऐप डिसेबल किया जा सकेगा। मगर हमारा सवाल है कि 👇
ऐप डिसेबल होने के बाद भी सारे फीचर्स डिसेबल हुए या नहीं- ये बात यूजर्स को पता नहीं चल… pic.twitter.com/xfzOPso4Ta
— Congress (@INCIndia) December 3, 2025
संचार साथी एप को लेकर सरकार ने फ़ोन कंपनियों को क्या आदेश दिया है
28 नवंबर के डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT) के ऑर्डर के मुताबिक, सभी मोबाइल फ़ोन बनाने वाली कंपनियों को भारत में बिकने वाले सभी हैंडसेट में, साथ ही मौजूदा डिवाइस में एक सॉफ्टवेयर अपडेट के ज़रिए संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल करना होगा.
इसमें मोबाइल फ़ोन कंपनियों को यह पक्का करने के लिए कहा गया है कि पहले से इंस्टॉल संचार साथी ऐप पहली बार इस्तेमाल करने या डिवाइस सेटअप करने के समय एंड यूज़र्स को आसानी से दिखे और एक्सेस किया जा सके, और इसके फंक्शन डिसेबल या रिस्ट्रिक्टेड न हों.

