Salim Dola Extradition नई दिल्ली/मुंबई: दाऊद इब्राहिम के ‘D-कंपनी’ साम्राज्य को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक और करारा झटका दिया है. अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का बेहद करीबी और ड्रग्स के काले कारोबार का बड़ा खिलाड़ी, सलीम डोला आखिरकार कानून के शिकंजे में है. उसे तुर्किए (तुर्की) से डिपोर्ट कर भारत लाया जा चुका है. कभी अजेय समझे जाने वाले डोला को उसकी एक ऐसी गलती ने पकड़वा दिया, जिसकी उसने सपने में भी कल्पना नहीं की थी.
Now Salim Dola – Deported from Turkish to India,,
His now in NCB
🔥🔥😎Operation Global hunt 🔥🔥🔥🤟 pic.twitter.com/sxgOVQwkzn
— Wingsblue🇮🇳 (@War_crazy44) April 28, 2026
Salim Dola Extradition:तुर्किए बना था ड्रग्स का नया ट्रांजिट रूट
भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, सलीम डोला तुर्किए को ड्रग्स तस्करी के एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल कर रहा था. तुर्किए की भौगोलिक स्थिति एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बीच होने के कारण, वह यहाँ से आसानी से अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चला रहा था. वह दूर बैठकर MDMA जैसी सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई को पूरी दुनिया में कंट्रोल कर रहा था.
1.5 साल तक रहा अंडरग्राउंड, फिर हुई ‘वो’ गलती
सूत्रों के मुताबिक, सलीम डोला को पकड़ना ‘भूसे में सुई ढूंढने’ जैसा कठिन कार्य था. वह तकनीक का इस्तेमाल करने में बेहद शातिर था और लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहता था. एजेंसियों के बढ़ते दबाव के कारण वह पिछले डेढ़ साल से इस्तांबुल (तुर्किए) के एक गुप्त ठिकाने में छिपा हुआ था.
कहा जाता है कि इन डेढ़ सालों के दौरान वह अपने कमरे से बाहर तक नहीं निकला. उसने दुनिया से अपना संपर्क पूरी तरह काट लिया था लेकिन, अपनी सुरक्षा को लेकर अति-सावधान रहने वाले डोला ने एक छोटी सी भूल कर दी. उसने अपने उसी गुप्त ठिकाने (Hideout) के पते पर एक कूरियर मंगवा लिया. यही वह सुराग था जिसका भारतीय एजेंसियां और इंटरपोल बेसब्री से इंतजार कर रहे थे.
तीन पासपोर्ट और फर्जी पहचान
कूरियर के जरिए लोकेशन ट्रेस होते ही भारतीय एजेंसियों ने इस्तांबुल पुलिस को अलर्ट किया. स्थानीय पुलिस ने जब उसके ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहां से तीन पासपोर्ट बरामद हुए.
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बुल्गारिया का पासपोर्ट: इसमें उसका नाम ‘हमज़ा’ दर्ज था.
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दो भारतीय पासपोर्ट: जो अलग-अलग विवरणों के साथ थे.
ऑपरेशन ‘ग्लोबल हंट’ की बड़ी जीत
तुर्किए के साथ भारत की कोई औपचारिक प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) नहीं होने के बावजूद, विदेश मंत्रालय और जांच एजेंसियों के आपसी तालमेल ने इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया. ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ के तहत डोला को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की गई.
अब आगे क्या?
सलीम डोला फिलहाल भारतीय जांच एजेंसियों की रिमांड में है. उससे पूछताछ में दाऊद इब्राहिम के वर्तमान ठिकानों, ड्रग नेटवर्क के वित्तपोषण (Funding) और भारत में फैले उसके नेटवर्क के बारे में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है. एजेंसियां अब उसके पूरे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने की तैयारी में हैं.

