Tuesday, January 13, 2026

Manish Sisodia Bail Case: सुनवाई 5 अगस्त तक टली, 1 अगस्त तक ईडी को जवाब दाखिल करने कहा गया

Manish Sisodia Bail Case: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई 5 अगस्त तक के लिए टल दी गई है.
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें आबकारी नीति मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी.

ईडी को दिया 1 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का समय

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को एक अगस्त तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है. इस बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने पहले ही अपना जवाब दाखिल कर दिया है.

Manish Sisodia Bail Case: पिछली सुनवाई में क्या हुआ था

पिछली सुनवाई यानी 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में जमानत के लिए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा था.

मनीष सिसोदिया के वकील ने कोर्ट को याद दिलाया था वादा

मनीष सिसोदिये के वकील ने अदालत को याद दिलाया की 4 जून को सीबीआई और ईडी दोनों के लिए पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में एक वचनबद्धता दर्ज की थी, कि 3 जुलाई, 2024 को या उससे पहले ट्रायल कोर्ट में अंतिम आरोपपत्र/अभियोजन शिकायत दायर की जाएगी.
मंगलवार को, मनीष सिसोदिया का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता ए.एम. सिंघवी और अधिवक्ता विवेक जैन ने कहा कि तब और आज के दिन मुकदमे में शायद ही कोई बदलाव आया है. इसलिए शीर्ष अदालत को मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर विचार करते समय उनकी (मनीष सिसोदिया) की लंबी कैद पर विचार करना चाहिए.

सीबीआई ने क्या दिया था आश्वासन

इसके साथ ही सिसोदिया के वकील ने ये भी कहा कि, पिछले साल 30 अक्टूबर को अभियोजन पक्ष ने शीर्ष अदालत में इसी तरह का आश्वासन दिया था, जो सिसोदिया की जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, कि सीबीआई/ईडी अगले छह से आठ महीनों में जांच आगे बढ़ाते हुए आपराधिक मुकदमे को समाप्त करने के लिए कदम उठाएगी. सिसोदिया के वकील जैन ने मंगलवार को केंद्रीय एजेंसियों द्वारा अक्टूबर 2023 में अदालत को दिए गए वादे का हवाला देते हुए दोहराया कि मुकदमे में देरी जारी है और उनके क्लाइंट सिसोदिया को देरी का खामियाजा नहीं उठाना चाहिए.

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