सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में करीब 25 मिनट तक के US ईरान जंग के चलते पैदा हुए हालात पर अपनी बात रखी, पीएम ने देश को बताया की सरकार किसी भी तरह के संकट से निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने ये भी कहा कि इस युद्ध के समय देश को तैयार और एकजुट होना चाहिए जैसे कोरोना के समय था.
प्रधानमंत्री के इस भाषण के बाद जहां कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए ताकि विपक्ष भी अपनी बात रख सकें. वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी Rahul Gandhi ने दावा किया की पीएम US ईरान जंग से पैदा हुए हालात पर संसद में चर्चा नहीं करवा सकते.
वो पार्लियामेंट में डिबेट नहीं कर सकते, क्योंकि Compromised हैं-Rahul Gandhi
गुजरात के वडोदरा में आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन में पहुंचे नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा- ‘सुना है… प्रधानमंत्री ने 25 मिनट का भाषण दिया है। लेकिन मेरी गारंटी है- वो पार्लियामेंट में डिबेट नहीं कर सकते, क्योंकि Compromised हैं.’
सुना है… प्रधानमंत्री ने 25 मिनट का भाषण दिया है।
लेकिन मेरी गारंटी है- वो पार्लियामेंट में डिबेट नहीं कर सकते, क्योंकि Compromised हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/AouXFa2DdF
— Congress (@INCIndia) March 23, 2026
US ईरान जंग पर चर्चा होनी चाहिए-प्रियंका गांधी
पश्चिम एशिया संघर्ष पर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “उन्होंने संसद में देश को अवगत करवाया है कि परिस्थितियां क्या हैं… कुछ ज्यादा नई बात नहीं कही, लेकिन हमने जो नोटिस दिया है चर्चा के लिए उस पर चर्चा होनी चाहिए ताकि हम भी जवाब दे पाए सबके पक्ष सामने आएं…मेरे ख्याल से अच्छा रहेगा”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बताया है कि अभी हालात क्या हैं।
ऐसे में हमने चर्चा के लिए जो नोटिस दिया है, उस पर भी बात होनी चाहिए, ताकि सभी के पक्ष सामने आ सकें।
: कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी pic.twitter.com/s9t5jHsb29
— Congress (@INCIndia) March 23, 2026
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, “हमारी और कई दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. प्रधानमंत्री को इज़राइली प्रधानमंत्री और US प्रेसिडेंट के साथ अपनी दोस्ती और ईरान के साथ हमारे पुराने रिश्तों का फ़ायदा उठाना चाहिए और इस जंग को रोकने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इसने पूरी दुनिया को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है…”
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