Wednesday, January 14, 2026

Uttarkashi tunnel rescue: 55 मीटर मैनुअल ड्रिलिंग पूरी, शाम 5 बजे तक सफलता मिलने की उम्मीद, खुशखबरी का इंतजार

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में ध्वस्त सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने में लगे रैट-होल खनन विशेषज्ञों ने सोमवार को मलबे के बीच से मैन्युअल ड्रिलिंग शुरू की थी. साथ ही साथ, सुरंग के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग भी जारी है जो आवश्यक 86 मीटर में से 36 मीटर की गहराई तक पहुंच गई है.

शाम पांच बजे तक मिल सकती है सफलता

वहीं सुरंग बचाव में लगे माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर ने कहा, “…हम शाम 5 बजे तक कुछ परिणाम देखने की उम्मीद कर रहे हैं. 2-3 मीटर बचे हैं…”


ऐसी ही बात सिल्कयारा सुरंग बचाव अभियान पर अतिरिक्त सचिव तकनीकी, सड़क और परिवहन महमूद अहमद ने भी कही. उन्होंने कहा, “…55.3 मीटर की ड्रिलिंग हो गई है…लगभग 4-5 मीटर और बचा है…शाम तक हमें कुछ अच्छी खबर मिल सकती है…”

रैट होल ड्रिलिंग साबित हो रही है मददगार

ढही सुरंग के अंतिम 10 से 12 मीटर के हिस्से में हॉरिजोंटल ड्रिलिंग का काम कम से कम 12 रैट-होल खनन विशेषज्ञों को सौंप गया है. शुक्रवार को एक बड़ी ऑगर मशीन के फंस जाने के बाद वैकल्पिक ड्रिलिंग का रास्ता अपनाया गया है. आवश्यक 86-मीटर हॉरिजोंटल ड्रिलिंग का लगभग 40 प्रतिशत पूरा हो चुका है.

सोमवार को फंसी ऑगर मशीन को निकालने का काम हुआ था पूरा

आपको बता दें, सोमवार शाम तक, फंसे हुए ऑगर मशीन के शेष हिस्से को टुकड़े-टुकड़े करके सफलतापूर्वक काट दिया गया, और एक स्टील पाइप को आंशिक रूप से पूर्ण किए गए एस्केप मार्ग में डाला गया. दिल्ली में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा कि रविवार को शुरू की गई हॉरिजोंटल ड्रिलिंग पहले ही 36 मीटर की गहराई तक पहुंच चुकी है.

पीएम ले रहे है बचान अभियान की जानकारी

वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक दिन वहां के बारे में जानकारी लेते हैं…अभी 53 मीटर पाइप जा चुका है, अभी 2 और पाइप लगाने की आवश्यकता पड़ेगी…”

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