Global Times On Modi-Putin Meeting: प्रधानमंत्री मोदी का दो दिवसीय रुस दौरा समाप्त हो गया है और अब पीएम मोदी एक दिन कौ दौरे पर ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में हैं .भारत के इस रुस दौरे ने पश्चिम की नजरें तिरछी कर दी हैं. भारत और रुस के दौरे की चर्चा पश्चिमी देशों में तो है , चीन भी इस दौरे को बारीकी से देख रहा है. रुस यूक्रेन यूद्ध के शुरु होने के बाद भारत की ये पहली रुस यात्रा है. भारत रुस के दौरे पर चीन के प्रमुख अखबार ग्लोबल टाइम्स ने आज लेख लिखा है जिसमें भारत की तारीफ की है.

Global Times On Modi-Putin Meeting : रुस को अकेला करने की अमेरिकी कोशिश नाकाम
गलोबल टाइम्स ने आर्टिकल के शुरुआत में ही लिखा है – जानकार कहते हैं कि रूस- भारत के बीच मजबूत संबंधों का मतलब है कि यूक्रेन में शुरु हुए युद्ध के बाद रूस पर दवाब बनाने और उसे दुनिया में अलग-थलग करने की अमेरिका की कोशिशें नाकाम हुई है. ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारत की बैलेंस्ड रणनीति न केवल उसके अपने हित में है, बल्कि वैश्विक स्तर पर संतुलन बढ़ाने में भी मदद कर रही है.भारत ने लंबे समय से चल रहे अमेरिकी आधिपत्य को चुनौती दी है’
गलोबल टाइम्स ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बायन का किया जिक्र
ग्लोबल टाइम्स ने अमरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर के उस बयान को भी अपने लेख में शामिल किया है जो उन्होंने पीएम मोदी के रूस दौरे को लेकर की थी. मैथ्यू मिलर ने अपने बयान में कहा था- ‘हम उम्मीद करते हैं कि रूस के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ा रहा भारत यह साफ शब्दों में कहेगा कि रूस को यूएन चार्टर, यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए.’
ग्लोबल टाइम्स ने की भारत के विदेश नीति की तारीफ
चीन ने फॉरेन अफेयर्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ली हेइडोंग से की गई बातचीत के आधार पर लिखा है कि मोदी का रूस दौरा विश्व की शक्तियों के बीच संतुलित नीति को दर्शाता है. वो कहते हैं कि वर्तमान में वैश्विक स्तर पर राजनीतिक परिदृश्य में अमेरिकी आधिपत्य है, जिसकी वजह से अमेरिका मनमाने ढंग से काम करता है. ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि पिछले साल जब पीएम मोदी अमेरिका के स्टेट विजिट पर गये थे तो वहां उनका शानदार स्वागत हुआ. इसके बावजूद भारत अमेरिका के प्रभाव मे नहीं आया है. रणनीति रुप से स्वतंत्र नीति रखने वाला भारत अमेरिका के झूठ से पूरी तरह से वाकिफ है. भारत का व्यवहार व्यहारिक है.
भारत अमेरिका के पीछे पीछे नहीं जाएगा – ग्लोबल टाइम्स
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारत-रूस के मजबूत संबंध अमेरिका की फेल हो चुकी कूटनीति को दिखाता है.अमेरिका में इसे लेकर गहरी हताशा है. आखिर में ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि इससे भारत को कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आने वाले साल में अमेरिकी का राष्ट्रपति कौन होगा. भारत और रुस के संबंध स्थिर हैं . दूसरे शब्दों मे कहें तो भारत अमेरिका के पीछे पीछे नहीं जायेगा और ना रुस को अलग थलग करने की कोशिश सफल होगी.

