Tuesday, January 27, 2026

ट्रम्प के बाद, अब चीन ने किया भारत-पाकिस्तान तनाव में मध्यस्थता का दावा, भारत का जवाब आना बाकी

मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उन मुद्दों में से एक था जिन पर इस साल बीजिंग ने “मध्यस्थता” की थी. हालांकि, इस चीनी China दावे को मामले से परिचित जानकारों ने “अजीब” बताया है. उनका साफ कहना है कि सीज़फायर में चीन की कोई भूमिका नहीं थी.
22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर की पहलगाम घाटी में हुए एक आतंकी हमले में 26 नागरिकों के मारे जाने के बाद मई में भारत और पाकिस्तान के बीच एक ज़बरदस्त सैन्य टकराव हुआ था. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार इस संघर्ष को रुकाने का श्रेय लेते रहा है हलांकि भारत इन दावों को गलत बताता रहा हैं.

चीन ने भारत-पाकिस्तान बातचीत में ‘मध्यस्थता’ का दावा किया

बीजिंग में “अंतर्राष्ट्रीय स्थिति और चीन के विदेश संबंधों पर संगोष्ठी” नाम के कार्यक्रम में बोलते हुए चीन के विदेश मंत्री ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकाने का दावा किया.
वांग यी ने संगोष्ठी में कहा, “इस साल, दूसरे विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद से किसी भी समय की तुलना में स्थानीय युद्ध और सीमा पार संघर्ष ज़्यादा बार भड़के. भू-राजनीतिक उथल-पुथल फैलती रही.”
उन्होंने आगे कहा, “हॉटस्पॉट मुद्दों को सुलझाने के इस चीनी तरीके का पालन करते हुए, हमने उत्तरी म्यांमार, ईरानी परमाणु मुद्दे, पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव, फिलिस्तीन और इज़राइल के बीच मुद्दों और कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हालिया संघर्ष में मध्यस्थता की.”

China पर भारत पाकिस्तान संघर्ष में पाकिस्तान की मदद करने के लगे थे आरोप

मई में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान चीन की भूमिका पर ध्यान गया था, जब कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बीजिंग ने टकराव के दौरान इस्लामाबाद को रियल-टाइम सर्विलांस इनपुट और दूसरी तरह की मदद दी थी.
खास बात यह है कि पाकिस्तान के मिलिट्री हार्डवेयर का 81% से ज़्यादा हिस्सा चीन के हथियारों का एक्सपोर्ट है. भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि चीन ने मई के संघर्ष का इस्तेमाल अपने हथियार सिस्टम की क्षमताओं को साबित करने के लिए किया.

भारत ने नहीं दी चीनी दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया

हालांकि वांग यी की टिप्पणी पर भारत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन नई दिल्ली में इस मामले से वाकिफ लोगों का कहना है कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव खत्म करने में चीन का कोई हाथ नहीं था.
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक एक जानकार व्यक्ति ने कहा कि, “चीनी पक्ष का दावा अजीब है.” जानकारों का कहा कि भारत और पाकिस्तान के सीनियर मिलिट्री अधिकारियों के बीच हुई बातचीत से ही 10 मई को मिलिट्री कार्रवाई रोकने का समझौता हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि नई दिल्ली ने लगातार कहा है कि भारत और पाकिस्तान से जुड़े मामलों में किसी तीसरे पक्ष की दखलअंदाजी की कोई गुंजाइश नहीं है.
वहीं एक दूसरे जानकार ने कहा, “शायद चीनी पक्ष अमेरिका के नक्शेकदम पर चल रहा है,” उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार दिए गए बयानों की ओर इशारा किया. भारत ने भी ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है.

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