Monday, February 23, 2026

DUSU Election Result: एनएसयूआई ने जीता छात्र संघ के अध्यक्ष का पद, जानिए बीजेपी को क्या मिला?

DUSU Election Result: दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ (डूसू) चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) की बड़ी जीत हुई है. कांग्रेस के छात्र संगठन ने सात साल के अंतराल के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में वापसी की.
हलांकि एनएसयूआई ने दो प्रमुख पदों पर जीत हासिल की, लेकिन एबीवीपी ने उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया और सचिव पद पर कब्जा बरकरार रखा है. जिससे संघ में बीजेपी की पकड़ मजबूत बनी रहेगी.

DUSU Election Result: दिल्ली विश्वविद्यालय के नए पदाधिकारी कौन हैं?

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई के रौनक खत्री ने अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी छात्र संघ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उम्मीदवार ऋषभ चौधरी को 1,300 से अधिक मतों से हराया. वहीं, एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार भानु प्रताप सिंह को 24,166 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के यश नांदल को 15,404 वोट मिले. इसके अलावा, एबीवीपी की मित्रविंदा करनवाल ने 16,703 वोटों के साथ एनएसयूआई की नम्रता जेफ मीना को हराकर सचिव पद जीता.
दिल्ली विश्वविद्यालय के नए अध्यक्ष बनने जा रहे खत्री को 20,207 वोट मिले, जबकि चौधरी को 18,864 वोट मिले.
चार केंद्रीय पैनल पदों के लिए छात्र संघ चुनाव में 21 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया. अध्यक्ष पद के लिए आठ, उपाध्यक्ष के लिए पांच और सचिव तथा संयुक्त सचिव के पदों के लिए चार-चार उम्मीदवार चुनाव लड़े थे.

कांग्रेस की छात्र संगठन एनएसयूआई में जश्न का माहौल

अध्यक्ष पद की जीत की घोषणा के तुरंत बाद कांग्रेस की छात्र शाखा के सदस्यों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर नारे लगाए और अपने नेताओं के लिए जयकारे लगाए.
उल्लेखनीय जीत एबीवीपी के लगभग एक दशक के वर्चस्व के बाद दिल्ली के प्रभावशाली छात्र निकाय में कांग्रेस पार्टी की वापसी हुई है.

कैंपस साफ होने तक कोर्ट ने लगाई थी नतीजों पर रोक

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ विश्वविद्यालय के सदस्य कॉलेजों, संकायों और शिक्षण विभागों के छात्रों का प्रतिनिधि निकाय है. DUSU का कार्यकाल प्रत्येक वर्ष 16 अगस्त से अगले वर्ष 15 अगस्त तक होता है.
डीयूएसयू के नतीजे मूल रूप से चुनाव के एक दिन बाद यानी 28 सितंबर को घोषित किए जाने थे, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के कारण इसमें देरी हुई.
कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान पोस्टर बैनर से हुई गंदगी को साफ किए जाने तक नतीजों की घोषणा पर रोक लगा दी थी.

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