DSP की नौकरी 1.2 करोड़, BDO 90 लाख!’ JPSC प्रदर्शन के बीच झारखंड MLA का बड़ा आरोप,CBI जांच की मांग

Jharkhand JPSC Protest : झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले प्रतियोगी छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इसी बीच विधानसभा के भीतर विपक्षी विधायक के एक पोस्टर ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है.

AJSU पार्टी के विधायक निर्मल महतो ने विधानसभा में एक पोस्टर दिखाते हुए दावा किया कि राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए कथित तौर पर “रेट फिक्स” हैं. उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग भी उठाई.

Jharkhand JPSC Protest :विधायक ने दिखाया कथित ‘रेट चार्ट’

एनडीए गठबंधन के विधायक निर्मल महतो के हाथ में मौजूद पोस्टर में विभिन्न सरकारी पदों के सामने कथित रकम लिखी हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि यह “झारखंड सरकार का रेट चार्ट” है. पोस्टर पर निम्नलिखित दरें लिखी गई थीं—

  • DSP – 1.20 करोड़ रुपये
  • CO – 1 करोड़ रुपये
  • BDO – 90 लाख रुपये
  • FRO – 80 लाख रुपये
  • JSSC CGL – 70 लाख रुपये
  • अन्य पदों के लिए भी अलग-अलग रकम का उल्लेख

निर्मल महतो ने दावा किया कि अभ्यर्थी की रैंक और परीक्षा प्रदर्शन के आधार पर भी कथित रकम तय होती है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों के लोग भी पैसे देकर नौकरी हासिल कर सकते हैं.

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और राज्य सरकार ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

छात्रों की मांग- या मांगें पूरी करो, या इस्तीफा दो

आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि JPSC और JSSC CGL भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई. उनका आरोप है कि सरकार उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रही.

छात्रों की प्रमुख मांगें हैं—

  • भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की CBI जांच
  • दोषियों के खिलाफ कार्रवाई
  • निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना
  • सरकार द्वारा स्पष्ट जवाब
  • मांगें पूरी नहीं होने पर जिम्मेदार लोगों का इस्तीफा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास राज्य का शिक्षा विभाग भी है, इसलिए प्रदर्शनकारी सीधे उनसे जवाब मांग रहे हैं. भूख हड़ताल पर बैठे जेपीएससी छात्रों का आरोप है कि सरकार और उनके समर्थक भ्रामक खबरे फैला कर ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका अनशन खत्म हो गया लेकिन ऐसा नहीं है. यहां तक कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांचुक ने भी छात्तों से अनशन खत्म करने की अपील की लेकिन छात्र अपनी मांग पर अ़ड़े हुए हैं.

सरकार ने बनाई चार मंत्रियों की समिति

बढ़ते आंदोलन और विपक्ष के दवाब के बाद झारखंड सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है.

फिलहाल यह तय नहीं हो पाया है कि बैठक सार्वजनिक होगी या बंद कमरे में. दूसरी ओर छात्र चाहते हैं कि वार्ता ऐसी जगह हो जहां मीडिया को भी मौजूद रहने की अनुमति मिले ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे.

भूख हड़ताल का तीसरा दिन

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी राहुल क्रांति ने कहा कि छात्र बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला है.

उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल तीसरे दिन में पहुंच चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अब तक आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात नहीं की. राहुल क्रांति ने सवाल उठाया कि यदि सरकार अपनी एजेंसियों से जांच करा रही है, तो CBI जांच के आदेश देने में क्या दिक्कत है?

10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी

छात्र संगठन अब 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं. यदि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत सफल नहीं होती, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.

फिलहाल पूरा मामला आरोप-प्रत्यारोप के दौर में है. एक ओर विपक्ष भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार की तरफ से समाधान निकालने की कोशिशें धीमी है. छात्र को सीएम सोरेन की तरफ से प्रतिक्रिया का इंतजार है.

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