उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 मई को कहा कि राज्य के लिए एक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने के लिए उनकी सरकार द्वारा गठित एक समिति ने 90% काम पूरा कर लिया है और 30 जून तक अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी.
समान नागरिक संहिता को लागू करना 2022 में राज्य विधानसभा चुनावों में बीजेपी के किए गए प्रमुख चुनावी वादों में से एक था. इस वादे को पूरा करने के लिए धामी ने पिछले साल मई में शपथ लेने के कुछ दिनों बाद पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था.
30 जून के बाद लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून-धामी
उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम धामी ने कहा कि 15 मई को सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले पैनल ने संहिता के प्रारूपण से संबंधित 90% काम पूरा कर लिया है.
धामी ने कहा, “समिति ने यूसीसी का मसौदा तैयार करने का काम सौंपा है और कहा है कि इसे 30 जून तक प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद हम इसे लागू करने के लिए कदम उठाएंगे.” “हम अन्य राज्यों से भी हमारे उदाहरण का अनुसरण करने और समान नागरिक संहिता लागू करने की अपेक्षा करते हैं.”
सीएम पुष्कर सिंह धामी काशीपुर में 355 करोड़ रुपये की 113 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के लिए आए थे. धामी ने कहा, “हम राज्य के हित में हर फैसला लेंगे.”
उन्होंने कहा कि पेयजल और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं से काशीपुर के विकास को गति मिलेगी.
विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों पर होगा समान कानून
UCC अनिवार्य रूप से सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने, विरासत और उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानून बनाने की पहल है, फिर चाहे वह किसी भी धर्म का हो. वर्तमान में, विभिन्न कानून विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के लिए इन पहलुओं को विनियमित करते हैं और एक यूसीसी इन व्यक्तिगत कानूनों को दूर करने के लिए है.
गोवा में लागू है समान नागरिक संहिता कानून
आपको बता दें, गोवा भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां समान नागरिक संहिता है. यह पुर्तगाली नागरिक संहिता 1867 का पालन करता रहा है, जिसे समान नागरिक संहिता भी कहा जाता है.
पुर्तगाली शासन से मुक्ति के बाद, यूसीसी गोवा, दमन और दीव प्रशासन अधिनियम, 1962 की धारा 5 (1) के माध्यम से जीवित रहा.
ये भी पढ़ें- Cyclone Biparjoy: तूफान गुज़रने पर बोले सीएम भूपेंद्र पटेल, हम एक बड़ी आपदा से लड़ने में सक्षम हुए हैं

