Operation Sindoor: अजीत डोभाल की विदेशी प्रेस को चुनौती, ‘मुझे भारत में हुए किसी भी नुकसान की एक भी तस्वीर दिखाओ’

शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आईआईटी मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए कहा कि, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर Operation Sindoor के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया. डोभाल ने इस मौके पर विदेशी प्रेस को भी आड़े हाथों लिया.

Operation Sindoor पूरा करने में 23 मिनट लगे

आईआईटी मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह में डोभाल ने कहा, “हमें अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित करनी होगी. सिंदूर का ज़िक्र करते हुए उन्यहोंने कहा, हमें इस बात पर गर्व है कि इसमें कितनी स्वदेशी सामग्री थी… हमने पाकिस्तान के आर-पार 9 आतंकवादी ठिकानों पर निशाना लगाने का फ़ैसला किया, ये सीमावर्ती इलाक़ों में नहीं थे. हम किसी को भी नहीं चूके. हमने इसके अलावा कहीं और निशाना नहीं लगाया.”

उन्होंने आगे कहा, “यह इतना सटीक था कि हमें पता चल गया कि कौन कहाँ है. पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे…

विदेशी मीडिया पर भड़के डोभाल

उन्होंने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले पर भारत की सैन्य प्रतिक्रिया, ऑपरेशन सिंदूर पर विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग की भी आलोचना की और उन्हें भारत में किसी भी तरह के विनाश की कोई भी तस्वीर दिखाने की चुनौती दी.

एएनआई की खबर के अनुसार, डोभाल ने कहा, “विदेशी मीडिया ने कहा कि पाकिस्तान ने ऐसा और ऐसा किया… आप मुझे एक भी तस्वीर बताइए, जिसमें किसी भी भारतीय (संरचना) को कोई नुकसान हुआ हो, यहाँ तक कि एक शीशा भी टूटा हो…”
डोभाल आगे कहा, “उन्होंने ये बातें लिखीं और प्रसारित कीं… तस्वीरों में 10 मई से पहले और बाद में पाकिस्तान के केवल 13 हवाई अड्डे दिखाई दे रहे थे, चाहे वह सरगोधा हो, रहीम यार खान हो, चकलाला हो… मैं आपको केवल वही बता रहा हूँ जो विदेशी मीडिया ने तस्वीरों के आधार पर प्रसारित किया… हम ऐसा करने में सक्षम हैं (पाकिस्तानी हवाई अड्डों को नुकसान पहुँचाना…”).

भारत का ऑपरेशन सिंदूर

भारत ने 7 मई की तड़के ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जब सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी शिविरों पर हमला किया और 100 से ज़्यादा आतंकवादियों को मार गिराया.
यह 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, का नई दिल्ली द्वारा प्रत्यक्ष सैन्य जवाब था. इस ऑपरेशन के बाद चार दिनों तक ड्रोन, मिसाइलों और लंबी दूरी के हथियारों से हमले और जवाबी हमले हुए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच 10 मई को सभी सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी.

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